अदाणी ग्रुप (Adani Group) का नाम आज देश और दुनिया में बड़े कारोबारी घरानों में लिया जाता है। अक्सर चर्चा गौतम अदाणी (Gautam Adani) की होती है, लेकिन उनके छोटे भाई राजेश अदाणी (Rajesh Adani) भी समूह की सफलता में उतने ही अहम हैं। राजेश अदाणी ग्रुप की होल्डिंग कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और इसके अलावा ग्रुप की 13 अन्य कंपनियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
14 कंपनियों में अहम पद
राजेश अदाणी अदाणी पावर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस जैसी प्रमुख कंपनियों में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। इसके अलावा वे अदाणी इंफ्रा, अदाणी ट्रेडलाइन, अदाणी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन और कई एलएलपी व फाउंडेशन से जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर, वे ग्रुप की 14 कंपनियों में अलग-अलग पदों पर हैं।
सार्वजनिक जीवन से दूर, लेकिन अहम भूमिका
गौतम अदाणी की तरह राजेश अदाणी ज्यादा सार्वजनिक नहीं हैं। वे मीडिया में कम दिखते हैं, लेकिन ग्रुप की शुरुआत से ही इसके संचालन और बिजनेस रिलेशन को मजबूत करने में उनकी भूमिका रही है। अदाणी ग्रुप की वेबसाइट के अनुसार, राजेश का प्रोएक्टिव अप्रोच और बिजनेस के प्रति व्यक्तिगत जुड़ाव ने ग्रुप की वृद्धि में बड़ा योगदान दिया है।
एनर्जी वर्टिकल की कमान
राजेश अदाणी फिलहाल ग्रुप के एनर्जी वर्टिकल को लीड कर रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में अदाणी ग्रुप की तेजी से बढ़ती मौजूदगी में उनकी रणनीतिक सोच और नेतृत्व को अहम माना जाता है।
कानूनी राहत
इस साल मार्च में बॉम्बे हाई कोर्ट ने राजेश अदाणी और गौतम अदाणी को ₹388 करोड़ के कथित मार्केट रेगुलेशन उल्लंघन मामले में राहत दी। इससे उनके नेतृत्व पर भरोसा और मजबूत हुआ।
निष्कर्ष
राजेश अदाणी भले ही गौतम अदाणी की तरह सुर्खियों में न रहते हों, लेकिन ग्रुप की 14 कंपनियों में उनकी जिम्मेदारी यह साबित करती है कि वे अदाणी ग्रुप की रीढ़ हैं। ऊर्जा क्षेत्र की कमान और बिजनेस रिलेशन को संभालने की उनकी क्षमता ही वह वजह है, जिस पर गौतम अदाणी ने भरोसा जताया है।

