आधार कार्ड आज हर भारतीय नागरिक की पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन चुका है। बैंक अकाउंट खोलने से लेकर मोबाइल सिम लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तक, हर जगह आधार की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर आधार कार्ड में दर्ज कोई जानकारी गलत हो या अपडेट करनी हो, तो यह प्रक्रिया पहले थोड़ी जटिल थी। लेकिन अब UIDAI ने इसे आसान बनाने के लिए नया नियम लागू किया है।
क्या है नया अपडेट?
पहले आधार कार्ड में नाम, पता और जन्मतिथि जैसी जानकारी बदलने के लिए अलग-अलग डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती थी। उदाहरण के तौर पर, नाम बदलने के लिए Proof of Identity और पता बदलने के लिए Proof of Address देना पड़ता था। लेकिन अब UIDAI ने नियमों में बदलाव किया है।
नए नियम के तहत, अगर आपके पास ऐसा डॉक्यूमेंट है जिसमें नाम, पता और फोटो जैसी सभी जानकारी मौजूद है, तो उसी एक डॉक्यूमेंट से आधार कार्ड की डिटेल्स अपडेट की जा सकती हैं। इससे प्रक्रिया तेज और सरल हो जाएगी।
कितनी बार बदल सकते हैं डिटेल्स?
- नाम: आधार कार्ड में दर्ज नाम केवल दो बार बदला जा सकता है।
- लिंग: लिंग की जानकारी एक बार दर्ज होने के बाद बदली नहीं जा सकती।
- पता और मोबाइल नंबर: इन दोनों को आप कितनी भी बार अपडेट कर सकते हैं।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
UIDAI का कहना है कि आधार कार्ड में गलत जानकारी होने से कई बार लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने या बैंकिंग कामों में परेशानी होती है। नए नियम से यह समस्या काफी हद तक दूर होगी। साथ ही, एक ही डॉक्यूमेंट से प्रक्रिया पूरी होने पर समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।
निष्कर्ष
UIDAI का यह नया नियम करोड़ों यूजर्स के लिए राहत लेकर आया है। अब आधार कार्ड में नाम, पता और जन्मतिथि जैसी अहम जानकारियों को बदलना पहले से कहीं आसान हो गया है। अगर आपके आधार में कोई गलती है, तो आप नए नियमों का फायदा उठाकर इसे जल्दी और सरल तरीके से सुधार सकते हैं।

