हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2025) भरने के बाद टैक्सपेयर्स को सबसे ज्यादा इंतजार अपने रिफंड (ITR Refund 2025) का होता है। कई बार यह रिफंड समय पर मिल जाता है, लेकिन कुछ मामलों में इसमें देरी हो जाती है। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि क्या देर से मिलने वाले रिफंड पर इनकम टैक्स विभाग ब्याज भी देता है? आइए जानते हैं कि नियम क्या कहते हैं।
क्या है नियम?
आयकर अधिनियम की धारा 244A के अनुसार, अगर रिफंड में देरी होती है तो टैक्सपेयर्स को 6% सालाना ब्याज दिया जाता है। यह ब्याज उस तारीख से कैलकुलेट होता है, जब से रिफंड देय हो। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि देरी टैक्सपेयर्स की गलती से न हुई हो। यानी अगर आपने गलत जानकारी दी है या फाइलिंग में त्रुटि की है, तो ब्याज का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा धारा 437(1) में यह प्रावधान है कि देय रिफंड पर प्रतिमाह 0.5% ब्याज देना होगा। यह ब्याज रिफंड की राशि के आधार पर तय किया जाता है।
किन्हें मिलेगा फायदा?
ब्याज का लाभ उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलेगा जिन्होंने समय पर और सही तरीके से ITR फाइल किया है। अगर आपकी फाइलिंग में कोई गलती नहीं है और फिर भी रिफंड देर से मिलता है, तो विभाग ब्याज सहित भुगतान करेगा।
क्यों हो रही है देरी?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि इस बार लो-वैल्यू रिफंड तेजी से जारी किए जा रहे हैं। लेकिन हाई-वैल्यू रिफंड या वे मामले जिन्हें सिस्टम ने रेड-फ्लैग किया है, उनकी जांच चल रही है। कई टैक्सपेयर्स ने गलत डिडक्शन क्लेम किया था, जिसकी वजह से एनालिसिस जरूरी है। यही कारण है कि कुछ रिफंड में देरी हो रही है।
निष्कर्ष
अगर आपका ITR Refund 2025 समय पर नहीं आया है और आपने फाइलिंग में कोई गलती नहीं की है, तो आपको ब्याज सहित रिफंड मिलेगा। नियम साफ कहते हैं कि टैक्सपेयर्स को देरी का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

