प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) की ओर से Employees’ Pension Scheme (EPS) चलाई जाती है। इस योजना के तहत कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलती है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर कर्मचारी की मौत रिटायरमेंट से पहले हो जाए तो क्या उसकी पत्नी को पेंशन मिलेगी? और अगर हां, तो कितनी रकम खाते में आती है?
EPS योजना कैसे काम करती है?
हर महीने कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) मिलकर कर्मचारी के EPF खाते में योगदान करते हैं।
- कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12% EPF में जाता है।
- नियोक्ता भी उतना ही योगदान करता है।
- नियोक्ता के योगदान का 8.33% हिस्सा सीधे EPS (Employee Pension Scheme) में जाता है।
EPS में जमा यह राशि एक पूल की तरह काम करती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को पेंशन मिलती है। हालांकि, EPS के लिए बेसिक सैलरी की सीमा ₹15,000 तय है। यानी अधिकतम ₹1,250 प्रति माह EPS में जमा होता है।
पेंशन कब मिलती है?
EPS का सदस्य कम से कम 10 साल तक योगदान करने के बाद पेंशन का हकदार हो जाता है। सामान्य स्थिति में पेंशन 58 साल की उम्र से शुरू होती है। पेंशन की गणना इस फॉर्मूले से होती है:
पेंशन = (पेंशनेबल सैलरी × पेंशनेबल सर्विस) ÷ 70
जहां पेंशनेबल सैलरी पिछले 60 महीनों का औसत वेतन होता है।
कर्मचारी की मौत पर पत्नी को क्या मिलता है?
अगर कर्मचारी की रिटायरमेंट से पहले मृत्यु हो जाती है, तो उसके EPF खाते का पूरा बैलेंस पत्नी या नामांकित सदस्य को एकमुश्त मिल जाता है।
इसके अलावा, EPS में योगदान होने पर पत्नी को पेंशन का अधिकार मिलता है।
- न्यूनतम गारंटीड पेंशन ₹1,000 प्रति माह है।
- पेंशन की राशि कर्मचारी की अंतिम सैलरी और सेवा अवधि पर निर्भर करती है।
- पेंशन पाने के लिए पत्नी को मृतक कर्मचारी की रिटायरमेंट उम्र तक इंतजार नहीं करना पड़ता। पेंशन की पात्रता कर्मचारी की मौत की तारीख से ही शुरू हो जाती है।
परिवार को मिलने वाले लाभ
कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 के तहत न केवल पत्नी बल्कि बच्चों को भी पेंशन का लाभ मिलता है।
- पत्नी को जीवनभर पेंशन मिलती है।
- बच्चों को 25 साल की उम्र तक पेंशन मिल सकती है।
- अगर पत्नी भी नहीं रहती, तो आश्रित माता-पिता को पेंशन का अधिकार होता है।
वर्तमान स्थिति और चर्चाएं
फिलहाल EPS के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह है। कई बार इसे बढ़ाने की मांग उठी है, लेकिन सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि अभी इसे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। हालांकि, भविष्य में पेंशन राशि बढ़ाने को लेकर चर्चा जारी है।
निष्कर्ष
EPFO Pension Update के अनुसार, प्राइवेट कर्मचारी की मौत पर उसकी पत्नी को पेंशन मिलती है। यह पेंशन कर्मचारी की सेवा अवधि और अंतिम वेतन पर आधारित होती है। न्यूनतम ₹1,000 प्रति माह की गारंटी है, लेकिन वास्तविक राशि इससे अधिक भी हो सकती है। साथ ही, EPF खाते का पूरा बैलेंस पत्नी को एकमुश्त मिलता है।
इस तरह EPS योजना न केवल कर्मचारी बल्कि उसके परिवार को भी आर्थिक सुरक्षा देती है।
