कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईपीएफओ (EPFO Pension) जल्द ही पेंशन की रकम बढ़ाने पर विचार कर सकता है। फिलहाल ईपीएस (Employees Pension Scheme) के तहत अधिकतम पेंशन सीमा 15 हजार रुपये है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
EPF और EPS में क्या फर्क है?
ईपीएफ (EPF) और ईपीएस (EPS) दोनों ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत आते हैं।
- EPF में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12% योगदान करता है और कंपनी 3.67% देती है।
- EPS में कंपनी बेसिक सैलरी का 8.33% योगदान करती है, लेकिन कर्मचारी इसमें कोई योगदान नहीं करता।
- EPF की राशि रिटायरमेंट या कुछ विशेष परिस्थितियों में निकाली जा सकती है, जबकि EPS की राशि पेंशन के रूप में मिलती है।
कितना फायदा होगा?
अगर पेंशन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये हो जाती है, तो इसका सीधा लाभ देशभर के 6.5 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा। यह बदलाव न्यू लेबर कोड्स (New Labour Codes) के लागू होने के बाद और भी अहम हो सकता है, क्योंकि इसमें पीएफ योगदान बढ़ाने की बात भी शामिल है।
कब हो सकता है फैसला?
जानकारी के मुताबिक, ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हो सकती है। इसी बैठक में बेसिक सैलरी लिमिट और पेंशन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद ज्यादा पेंशन मिलेगी।
कर्मचारियों के लिए राहत
पेंशन में बढ़ोतरी का मतलब है कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। खासकर उन लोगों के लिए जो निजी क्षेत्र में काम करते हैं और जिनकी पेंशन पर ही भविष्य की योजनाएं निर्भर रहती हैं।
निष्कर्ष
EPFO Pension Update से साफ है कि सरकार और ईपीएफओ पेंशनभोगियों को राहत देने की दिशा में काम कर रहे हैं। अगर पेंशन सीमा 25 हजार रुपये तक बढ़ती है, तो यह कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत होगी। हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है और इसके लिए CBT की बैठक का इंतजार करना होगा।

