क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर हलचल मच गई है। बिटकॉइन की कीमत मंगलवार (Bitcoin Price Today) को सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई। यह गिरावट अक्टूबर 2025 के उच्चतम स्तर से लगभग 30% तक हो चुकी है। मंगलवार दोपहर एशियाई बाजारों में बिटकॉइन $89,953 पर ट्रेड कर रहा था, जो $90,000 के अहम स्तर से नीचे है।
गिरावट की मुख्य वजहें क्या हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता है। निवेशकों को उम्मीद थी कि फेडरल रिजर्व जल्द दरों में कटौती करेगा, लेकिन संकेत इसके उलट मिल रहे हैं। इससे बाजार में डर का माहौल बना है।
इसके अलावा, ETF से निकासी, बड़े निवेशकों (व्हेल्स) की शॉर्ट पोजिशनिंग और घटती लिक्विडिटी ने भी दबाव बढ़ाया है। Pi42 के सीईओ अविनाश शेखर के मुताबिक, “बाजार में भावना, संरचना और मनोविज्ञान तीनों एक-दूसरे से टकरा रहे हैं, जिससे गिरावट और गहराई ले रही है।”
Altcoins भी दबाव में
बिटकॉइन के साथ-साथ ईथर और XRP जैसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी गिरावट देखी गई है। ईथर अगस्त के हाई $4,955 से गिरकर अब $2,997 पर आ गया है। XRP भी $2.30 के रेजिस्टेंस से नीचे फिसल गया है।
आगे क्या?
कॉइनडीसीएक्स के पारस गुप्ता का कहना है कि यह गिरावट दीर्घकालिक निवेशकों के भरोसे को भी प्रभावित कर रही है। बिटकॉइन वायदा में भी कमजोरी दिख रही है, जो बाजार की नकारात्मक धारणा को दर्शाता है। हालांकि यह गिरावट किसी स्थायी संकट का संकेत नहीं है, लेकिन फिलहाल बाजार में सतर्कता जरूरी है।

