EPFO Rules: नौकरी खोने के बाद PF खाते में योगदान जारी रख सकते हैं या नहीं?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ा सवाल अक्सर कर्मचारियों के मन में आता है कि अगर नौकरी चली जाए या खुद नौकरी छोड़ दी जाए, तो क्या पीएफ (PF Account) खाते में योगदान जारी रखा जा सकता है? बहुत से लोग मानते हैं कि वे अपनी तरफ से पैसा जमा करके खाता चालू रख सकते हैं, लेकिन नियम कुछ और कहते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

PF कैसे काम करता है?

प्राइवेट नौकरी करने वाले अधिकांश कर्मचारियों की सैलरी से PF काटा जाता है।

  • इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है।
  • कर्मचारी का हिस्सा सीधे सैलरी से कटता है।
  • नियोक्ता अपने हिस्से का योगदान जोड़कर EPFO में जमा करता है।

यानी PF का पूरा सिस्टम नौकरी से जुड़ा होता है। जब तक आप नौकरी कर रहे हैं, तब तक आपका PF खाता सक्रिय रहता है और उसमें नियमित योगदान होता है।

नौकरी छूटने पर क्या होगा?

अगर आपकी नौकरी चली जाती है या आप खुद नौकरी छोड़ देते हैं, तो PF खाते में योगदान बंद हो जाता है।

  • कर्मचारी अपनी मर्जी से खुद पैसा जमा नहीं कर सकता।
  • EPF स्कीम में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का योगदान अनिवार्य है।
  • नियोक्ता के बिना कोई योगदान संभव नहीं है।

इसलिए नौकरी जाने के बाद PF खाते में स्वैच्छिक योगदान नहीं किया जा सकता।

PF खाता कितने समय तक सक्रिय रहता है?

नौकरी छूटने के बाद आपका PF खाता तुरंत बंद नहीं होता।

  • आखिरी योगदान की तारीख से 36 महीने (3 साल) तक खाते पर ब्याज मिलता रहता है।
  • अगर इस अवधि में कोई नई नौकरी नहीं मिलती और योगदान नहीं होता, तो खाता इनऑपरेटिव हो जाता है।
  • इनऑपरेटिव खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, लेकिन बैलेंस सुरक्षित रहता है।

क्या विकल्प हैं?

नौकरी छूटने के बाद आपके पास दो विकल्प होते हैं:

  1. नया जॉब मिलने पर ट्रांसफर करें – नई कंपनी में जॉइन करने पर आप पुराने PF खाते को नए खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं।
  2. निकासी करें – अगर लंबे समय तक नौकरी नहीं मिल रही है, तो आप PF बैलेंस निकाल सकते हैं। इसके लिए EPFO की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है।

क्यों नहीं कर सकते खुद से योगदान?

EPFO के नियम साफ कहते हैं कि PF स्कीम केवल कार्यरत कर्मचारियों के लिए है।

  • इसमें नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का योगदान जरूरी है।
  • अकेले कर्मचारी का योगदान मान्य नहीं है।
  • यही वजह है कि नौकरी जाने के बाद आप खुद से पैसा जमा नहीं कर सकते।

निवेशकों और कर्मचारियों के लिए संकेत

  • अगर नौकरी छूट गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपका बैलेंस सुरक्षित रहता है।
  • नई नौकरी मिलने पर PF खाते को ट्रांसफर करना सबसे अच्छा विकल्प है।
  • लंबे समय तक नौकरी न मिलने पर बैलेंस निकाल सकते हैं।
  • ध्यान रखें कि इनऑपरेटिव खाते पर ब्याज नहीं मिलेगा, इसलिए समय पर निर्णय लेना जरूरी है।
  • निष्कर्ष

EPFO Rules के अनुसार, नौकरी खोने या छोड़ने के बाद कर्मचारी अपने PF खाते में खुद से योगदान नहीं कर सकता। खाता कुछ समय तक सक्रिय रहता है और ब्याज मिलता है, लेकिन स्वैच्छिक योगदान संभव नहीं है। अगर नई नौकरी मिलती है तो खाता ट्रांसफर किया जा सकता है, अन्यथा बैलेंस सुरक्षित रहता है और जरूरत पड़ने पर निकासी की जा सकती है।


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