भारत की तेजी से बढ़ती फर्नीचर और होम प्रोडक्ट्स कंपनी वेकफिट इनोवेशंस (Wakefit Innovations) दिसंबर में अपना आईपीओ लेकर आ रही है। यह कंपनी अपने अनोखे बिजनेस मॉडल और ग्राहकों को दिए जाने वाले खास ऑफर्स के लिए जानी जाती है। खास बात यह है कि वेकफिट ने सिर्फ आठ साल में ही 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय दर्ज की है और अब पब्लिक इश्यू के जरिए निवेशकों को इसमें भागीदारी का मौका दे रही है।
कब खुलेगा Wakefit IPO?
कंपनी का आईपीओ 8 दिसंबर 2025 को खुलेगा और 10 दिसंबर 2025 को बंद होगा। एंकर निवेशकों को शेयर आवंटन की प्रक्रिया 5 दिसंबर को पूरी की जाएगी।
आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी नए शेयरों के जरिए लगभग 377.1 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसके साथ ही प्रमोटर्स और अन्य शेयरधारक लगभग 4.67 करोड़ शेयरों की बिक्री भी करेंगे।
फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
Wakefit IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी कई बड़े कामों में करेगी:
- 117 नए COCO स्टोर खोलने के लिए लगभग 31 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- नई मशीनरी और इक्विपमेंट खरीदने के लिए 15.4 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे।
- मौजूदा स्टोर्स की लीज और लाइसेंस फीस के लिए 161.4 करोड़ रुपये का उपयोग होगा।
- मार्केटिंग और विज्ञापन पर 108.4 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे ताकि ब्रांड की पहुंच और बढ़ सके।
- बाकी राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी।
Wakefit की खास पहचान – “सोने की जॉब”
Wakefit Innovations सिर्फ फर्नीचर और मैट्रेस बनाने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनोखे ऑफर्स के लिए भी चर्चा में रहती है। कंपनी ने कई बार “सोने की जॉब” ऑफर की है। इसमें लोगों को कंपनी के मैट्रेस पर सोने और उसकी क्वालिटी का रिव्यू करने के लिए पैसे दिए जाते हैं। इस तरह के ऑफर ने Wakefit को ग्राहकों के बीच अलग पहचान दिलाई है।
कंपनी का सफर
Wakefit की शुरुआत 2016 में हुई थी। अंकित गर्ग और चैतन्य रामलिंगगौड़ा ने इसे स्थापित किया। कंपनी ने शुरुआत में मैट्रेस और स्लीप प्रोडक्ट्स बनाए, लेकिन धीरे-धीरे फर्नीचर और अन्य घरेलू सामानों में भी विस्तार किया।
- 31 मार्च 2024 तक कंपनी की कुल आय 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई।
- Wakefit के पास बेंगलुरु (कर्नाटक) में दो, होसुर (तमिलनाडु) में दो और सोनीपत (हरियाणा) में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है।
- यह भारत की सबसे तेजी से बढ़ती होम और फर्निशिंग कंपनियों में से एक बन चुकी है।
निवेशकों के लिए अवसर
Wakefit IPO निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है। कंपनी ने कम समय में तेजी से ग्रोथ की है और अब अपने विस्तार की योजना बना रही है।
- नए स्टोर खोलने से कंपनी की पहुंच छोटे शहरों तक बढ़ेगी।
- मार्केटिंग और विज्ञापन पर खर्च से ब्रांड की पहचान और मजबूत होगी।
- मशीनरी और इक्विपमेंट में निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिमों के अधीन होता है।
Wakefit के प्रमोटर्स और निवेशक
Wakefit IPO में प्रमोटर शेयरहोल्डर अंकित गर्ग और चैतन्य रामलिंगगौड़ा अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। इसके अलावा पीक XV पार्टनर्स, वर्लिनवेस्ट, इन्वेस्टकॉर्प फंड्स और रेडवुड ट्रस्ट जैसे बड़े निवेशक भी ऑफर फॉर सेल (OFS) में शामिल होंगे।
निष्कर्ष
Wakefit IPO Update के अनुसार, कंपनी का इश्यू दिसंबर में खुलेगा और निवेशक 8 से 10 दिसंबर के बीच इसमें आवेदन कर सकेंगे। कंपनी का अनोखा बिजनेस मॉडल, तेजी से बढ़ती आय और ग्राहकों को दिए जाने वाले खास ऑफर्स इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
Wakefit ने सिर्फ आठ साल में ही भारत के फर्नीचर और होम प्रोडक्ट्स सेक्टर में मजबूत जगह बना ली है। अब IPO के जरिए यह कंपनी अपने विस्तार की नई यात्रा शुरू करने जा रही है।

