IPO News Today: विद्या वायर्स का पब्लिक इश्यू खुला, Angel One ने किया Subscribe रिकमेंड; GMP रिपोर्ट

स्टॉक मार्केट में निवेशकों के लिए एक नया मौका आया है। विद्या वायर्स लिमिटेड ने अपना 300 करोड़ रुपये का आईपीओ (Vidya Wires IPO) 3 दिसंबर से लॉन्च कर दिया है। कंपनी वाइंडिंग और कंडक्टिविटी प्रोडक्ट्स बनाने वाली भारत की प्रमुख कंपनियों में से एक है। इस ऑफर को लेकर ब्रोकरेज हाउस Angel One ने इसे “लंबे समय के लिए सब्सक्राइब करें” की रेटिंग दी है।

आईपीओ की डिटेल्स

विद्या वायर्स का प्राइस बैंड 48-52 रुपये तय किया गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 12% यानी करीब 6 रुपये चल रहा है। इस आईपीओ में 274 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और 26.01 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाएंगे। लॉट साइज 288 शेयरों का है।

कंपनी क्या करती है?

विद्या वायर्स लिमिटेड भारत में वाइंडिंग और कंडक्टिविटी प्रोडक्ट्स बनाने वाली बड़ी कंपनियों में से एक है। इसका मार्केट शेयर FY25 में इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के आधार पर 5.7% है। कंपनी इनेमल वाले कॉपर वायर, कॉपर और एल्युमीनियम कंडक्टर, पेपर-इंसुलेटेड स्ट्रिप्स, PV रिबन और अन्य खास वाइंडिंग सॉल्यूशन बनाती है।

इनका इस्तेमाल पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसफॉर्मर, मोटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम और इंडस्ट्रियल मशीनरी में होता है।

इंडस्ट्री में स्थिति

कंपनी की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 19,680 MTPA है, जिसे जल्द ही बढ़ाकर 37,680 MTPA किया जाएगा। जून 2025 तक इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 8,512 SKUs शामिल हैं। Q1 FY26 में यह 318+ कस्टमर्स और सालाना 450+ कस्टमर्स को सर्विस देती है। किसी भी एक ग्राहक से राजस्व का हिस्सा 9% से ज्यादा नहीं है, जिससे कंसंट्रेशन रिस्क कम हो जाता है।

ग्लोबल बिजनेस

विद्या वायर्स 18 से अधिक देशों में एक्सपोर्ट करती है और 19+ ग्लोबल कस्टमर्स को सर्विस देती है। कंपनी को UL सर्टिफिकेशन मिला है, जिससे इसे डेवलप्ड मार्केट में एंट्री का फायदा मिलता है। गुजरात में इसकी फैसिलिटीज हजीरा और मुंद्रा पोर्ट्स के पास हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स में भी लाभ मिलता है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

कंपनी का रेवेन्यू FY23 में ₹1,011 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹1,486 करोड़ हो गया। EBITDA ₹35.8 करोड़ से बढ़कर ₹64.2 करोड़ और PAT ₹21.5 करोड़ से बढ़कर ₹40.9 करोड़ हो गया।

FY23 में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 70.31% था, जो Q1 FY26 में बढ़कर 94.51% हो गया। प्रोडक्शन वॉल्यूम भी FY23-FY25 के दौरान 29.23% बढ़ा। FY25 में नेटवर्थ ₹166.36 करोड़ रही और डेट-इक्विटी अनुपात 0.97x से घटकर 0.88x हो गया।

निवेशकों के लिए सलाह

Angel One की रिपोर्ट के अनुसार, ऊपरी प्राइस बैंड ₹52 पर कंपनी का P/E 22.94x है, जो सेक्टर की अन्य कंपनियों की तुलना में संतुलित माना जा रहा है। इंडस्ट्रियल डिमांड और आने वाले समय में कैपेसिटी बढ़ोतरी से स्केल और मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। यही वजह है कि ब्रोकरेज हाउस ने इसे “सब्सक्राइब फॉर लॉन्ग टर्म” की रेटिंग दी है।

निष्कर्ष

IPO News Today के अनुसार, विद्या वायर्स का आईपीओ निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है। मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड, बढ़ता राजस्व और ग्लोबल उपस्थिति इसे आकर्षक बनाते हैं। हालांकि, हर निवेश की तरह इसमें भी जोखिम है। इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।


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