शेयर बाजार में Vedanta Limited के शेयरों में हलचल तेज हो गई है। वजह है—कंपनी के तिमाही नतीजे, JP Associates के अधिग्रहण की खबर और देशी-विदेशी ब्रोकरेज फर्मों की सकारात्मक राय।
3 नवंबर को Vedanta के शेयरों ने 509.70 रुपये का हाई छू लिया, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 493 रुपये पर बंद हुआ था। यानी निवेशकों ने कंपनी के ताजा अपडेट्स को लेकर भरोसा दिखाया है।
क्या कहता है तिमाही रिपोर्ट कार्ड?
Vedanta का Q2 प्रॉफिट सालाना आधार पर भले ही 59% घटकर ₹1,798 करोड़ रहा हो, लेकिन रेवेन्यू ₹39,868 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 6% ज्यादा है। EBITDA में भी 12% की बढ़त दर्ज की गई और मार्जिन बढ़कर 28.6% हो गया।
CLSA ने दिया ऊंचा टारगेट
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने Vedanta पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹580 तय किया है। CLSA का मानना है कि कंपनी का एल्युमीनियम, बिजली और जिंक कारोबार विस्तार की ओर है और डीमर्जर प्लान भी ट्रैक पर है।
फर्म ने यह भी कहा है कि FY26 में Vedanta का EBITDA 6 अरब डॉलर से ऊपर जा सकता है।
मोतीलाल ओसवाल की राय
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने Vedanta के शेयर पर ₹550 का टारगेट दिया है। उन्होंने कंपनी के एल्युमीनियम कारोबार को तिमाही नतीजों की मजबूती का मुख्य कारण बताया है।
फर्म ने FY26 के लिए रेवेन्यू, EBITDA और PAT अनुमानों में क्रमशः 4%, 2% और 4% की बढ़ोतरी की है।
JP Associates के अधिग्रहण का असर
Vedanta ने दिवालिया कंपनी JP Associates को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे कंपनी के माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो को मजबूती मिल सकती है। निवेशकों को उम्मीद है कि यह अधिग्रहण कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा देगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
ब्रोकरेज फर्मों की राय और कंपनी के विस्तार योजनाओं को देखते हुए Vedanta के शेयरों में निकट भविष्य में हलचल बनी रह सकती है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार जोखिमों को समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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