भारत की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी Byju’s के संस्थापक बायजू रवींद्रन को अमेरिका की एक बैंकरप्सी कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें $1 बिलियन से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह आदेश कंपनी और उसके लेनदारों के बीच चल रही लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान आया है।
मामला क्या है?
रवींद्रन पर आरोप है कि उन्होंने कानूनी जांच में सहयोग नहीं किया और कई बार कोर्ट की सुनवाई में पेश नहीं हुए। डेलावेयर कोर्ट ने कहा कि उनकी लगातार गैर-हाजिरी और अधूरी फाइलिंग के कारण यह फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने उन्हें अल्फा फंड्स और उससे जुड़े ट्रांजैक्शन का पूरा हिसाब देने का भी आदेश दिया है।
इससे पहले, कोर्ट ने उन्हें कंटेम्प्ट में पाया था और हर दिन $10,000 का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना अब लाखों डॉलर तक पहुंच चुका है। लेनदारों का आरोप है कि 2021 में लिए गए $1.2 बिलियन के टर्म लोन से जुड़ी रकम का सही इस्तेमाल नहीं हुआ और उसका बड़ा हिस्सा गायब है।
आरोप और प्रतिक्रिया
क्रेडिटर्स ने रवींद्रन पर उनकी पत्नी और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर $533 मिलियन की रकम की “चोरी की योजना” बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि Byju’s के फाउंडर्स ने इन आरोपों को पहले “पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद” बताया था। नए कोर्ट आदेश पर रवींद्रन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कंपनी की स्थिति
कभी $22 बिलियन वैल्यू वाली Byju’s ने BlackRock और Prosus जैसे बड़े निवेशकों से फंड जुटाया था। कंपनी ने इन पैसों का इस्तेमाल वैश्विक विस्तार और बड़े स्पॉन्सरशिप पर किया, जिसमें FIFA World Cup और भारतीय क्रिकेट टीम शामिल हैं। लेकिन अब कानूनी विवादों और वित्तीय दबाव के कारण कंपनी मुश्किल दौर से गुजर रही है।

