टाटा मोटर्स के डीमर्जर के बाद पहली बार कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। इस दौरान कंपनी को ₹867 करोड़ का नेट घाटा हुआ, जिससे शेयर बाजार में इसका असर साफ दिखा। 14 नवंबर को टाटा मोटर्स के शेयर में करीब 4.5% की गिरावट दर्ज की गई।
क्या कहता है Q2 रिजल्ट?
कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू इस तिमाही में 6% बढ़कर ₹18,585 करोड़ रहा, लेकिन खर्च में 15% से ज्यादा की बढ़ोतरी के चलते घाटा बढ़ गया। यह नतीजे टाटा मोटर्स के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस से जुड़े हैं, जो अब एक अलग इकाई के रूप में NSE पर ₹335 के भाव पर लिस्ट हो चुका है।
ब्रोकरेज का नजरिया क्या है?
मोतीलाल ओसवाल ने टाटा मोटर्स के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रुख बनाए रखा है और इसका टारगेट प्राइस ₹341 प्रति शेयर बताया है। यानी मौजूदा भाव से करीब 6% की संभावित बढ़त। हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि कंपनी की कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी घट रही है, खासकर LCV उत्पादों में।
आगे क्या?
टाटा मोटर्स का डीमर्जर पूरा हो चुका है और अब निवेशक दोनों इकाइयों के प्रदर्शन को अलग-अलग ट्रैक कर सकते हैं। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयर में सीमित बढ़त की संभावना है जब तक कंपनी अपने CV सेगमेंट में हिस्सेदारी सुधारने के ठोस कदम नहीं उठाती।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)

