शेयर बाजार (Share Market) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक अहम खबर आई है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने एक साथ 19 लिस्टेड कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। वजह रही बोर्ड कंपोजिशन और कमेटियों के गठन से जुड़े नियमों का पालन न करना। इन कंपनियों पर कुल मिलाकर 9-10 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना ठोका गया है।
नियमों का उल्लंघन क्यों माना गया?
सेबी (SEBI) के लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशंस के तहत हर लिस्टेड कंपनी को अपने बोर्ड में जरूरी संख्या में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स रखने होते हैं। इसमें महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी शामिल होती है। इसके अलावा ऑडिट कमेटी, नॉमिनेशन एंड रेम्युनरेशन कमेटी जैसी समितियों का गठन भी अनिवार्य है।
30 सितंबर 2025 को खत्म तिमाही में कई कंपनियों में इन नियमों का पालन नहीं पाया गया। कहीं बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी थी, तो कहीं कमेटियों का गठन अधूरा रहा। यही वजह रही कि NSE और BSE ने इन कंपनियों पर जुर्माना लगाया।
सरकारी कंपनियों का तर्क
ज्यादातर मामलों में सरकारी कंपनियों (PSU) ने कहा कि डायरेक्टर्स की नियुक्ति सरकार करती है, कंपनी का इसमें कोई रोल नहीं है। वहीं निजी कंपनियों ने देरी से नियुक्ति या रिजाइनेशन के बाद खाली पड़े पदों को कारण बताया। लेकिन एक्सचेंजों ने साफ कर दिया कि नियमों का पालन हर हाल में जरूरी है।
किन कंपनियों पर कितना जुर्माना लगा?
नीचे दी गई तालिका में कुछ प्रमुख कंपनियों पर लगे जुर्माने का विवरण है:
| कंपनी का नाम | जुर्माना (प्रति एक्सचेंज) | कुल जुर्माना (दोनों एक्सचेंज) |
|---|---|---|
| RVNL | ₹9,77,040 | ₹19,54,080 |
| Hindustan Copper | ₹9,77,040 | ₹19,54,080 |
| Garden Reach Shipbuilders | ₹9,77,040 | ₹19,54,080 |
| Cochin Shipyard | ₹9,77,040 | ₹19,54,080 |
| POWERGRID | ₹5,42,800 | ₹10,85,600 |
| NTPC | ₹5,42,800 | ₹10,85,600 |
| MSTC | ₹5,42,800 | ₹10,85,600 |
| MRPL | ₹5,42,800 | ₹10,85,600 |
| MTNL | ₹5,42,800 | ₹10,85,600 |
| Megasoft | ₹5,42,800 | ₹10,85,600 |
| NCL Industries | ₹3,39,840 | ₹6,79,680 |
| Lokesh Machines | ₹3,71,700 | ₹7,43,400 |
इसके अलावा अरविंद, गारवेयर टेक्निकल फाइबर्स, मिधानी, बालाजी टेलीफिल्म्स और साख्ती शुगर्स जैसी कंपनियों पर भी जुर्माना लगाया गया है।
कुछ खास मामलों पर नजर
- पावरग्रिड (POWERGRID): बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी पाई गई। जुर्माना ₹10.85 लाख।
- RVNL: सबसे ज्यादा जुर्माना इसी कंपनी पर लगा। बोर्ड और कमेटियों दोनों में जरूरी संरचना नहीं थी। कुल जुर्माना ₹19.54 लाख।
- NTPC: देश की सबसे बड़ी पावर कंपनी पर भी बोर्ड कंपोजिशन में कमी के चलते ₹10.85 लाख का जुर्माना।
- MTNL: घाटे में चल रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी पर डायरेक्टर्स की नियुक्ति में देरी के कारण जुर्माना।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि बोर्ड कंपोजिशन और कमेटियों का गठन कंपनी की गवर्नेंस से जुड़ा होता है। अगर कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करतीं, तो यह निवेशकों के हितों के खिलाफ माना जाता है। जुर्माना लगने से कंपनियों की साख पर असर पड़ सकता है।
आगे का रास्ता
NSE और BSE की इस कार्रवाई से साफ है कि अब नियमों के पालन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। कंपनियों को समय पर डायरेक्टर्स की नियुक्ति और कमेटियों का गठन करना होगा। खासकर महिला इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर एक्सचेंज बेहद सख्त हैं।
निष्कर्ष
Share Market News के लिहाज से यह घटना निवेशकों को सतर्क करती है। अगर आपके पोर्टफोलियो में इन कंपनियों के शेयर हैं, तो यह जानना जरूरी है कि जुर्माना लगने से कंपनी की गवर्नेंस पर सवाल उठते हैं। हालांकि यह जुर्माना अस्थायी असर डाल सकता है, लेकिन लंबे समय में कंपनियों को नियमों का पालन करना ही होगा।

