टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में संचार साथी ऐप को लेकर काफी चर्चा हो रही है। सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों को इसे प्री-इंस्टॉल करने का निर्देश दिया है और पुराने फोन में भी सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इसे लाने की बात कही है। विपक्ष ने इसे जासूसी ऐप करार दिया है, जबकि सरकार का कहना है कि यह एक साइबर सिक्योरिटी टूल है जो यूजर्स को फ्रॉड और फोन चोरी जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
संचार साथी ऐप क्या है?
संचार साथी ऐप को इस साल जनवरी में लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य मोबाइल यूजर्स को डिजिटल सुरक्षा देना है। इस ऐप की मदद से लोग साइबर फ्रॉड, कॉल या SMS स्कैम और चोरी हुए मोबाइल की रिपोर्ट कर सकते हैं। ऐप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
सरकार का दावा है कि यह ऐप यूजर्स की पर्सनल जानकारी ऑटोमेटिक तरीके से कैप्चर नहीं करता। अगर कोई डेटा मांगा जाता है तो यूजर को बताया जाता है कि यह क्यों जरूरी है। साथ ही, ऐप का डेटा किसी थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं किया जाता, हालांकि जरूरत पड़ने पर इसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है।
एंड्रॉयड ऐप में मांगी जाने वाली परमिशन
संचार साथी ऐप को एंड्रॉयड फोन पर इंस्टॉल करते समय कुछ परमिशन की जरूरत होती है।
- फोन कॉल और मैनेजमेंट: मोबाइल नंबर की पहचान और कॉल रिपोर्टिंग के लिए।
- SMS भेजना: ऐप में रजिस्ट्रेशन के दौरान DoT को SMS भेजने के लिए।
- Call/SMS लॉग: कॉल या मैसेज से जुड़े फ्रॉड की रिपोर्ट करने के लिए।
- फोटो और फाइल्स: चोरी हुए मोबाइल या फ्रॉड रिपोर्ट में डॉक्यूमेंट अपलोड करने के लिए।
- कैमरा: फोन के IMEI नंबर को स्कैन करने के लिए।
iOS ऐप में मांगी जाने वाली परमिशन
iPhone यूजर्स के लिए भी संचार साथी ऐप कुछ परमिशन मांगता है।
- फोटो और फाइल्स: कॉल या SMS फ्रॉड की इमेज अपलोड करने के लिए।
- कैमरा: IMEI स्कैन करने और रिपोर्टिंग के लिए।
क्या यह ऐप जासूसी करता है?
विपक्ष ने इसे जासूसी ऐप बताया है, लेकिन तकनीकी दृष्टि से देखें तो संचार साथी ऐप की परमिशन सामान्य हैं। बैंकिंग ऐप्स और UPI ऐप्स भी इसी तरह की परमिशन मांगते हैं। सोशल मीडिया ऐप्स तो इससे कहीं ज्यादा एक्सेस लेते हैं। खास बात यह है कि संचार साथी ऐप लोकेशन, माइक या सेंसर की परमिशन नहीं मांगता।
इसलिए यह कहना कि ऐप जासूसी कर रहा है, पूरी तरह सही नहीं है। हालांकि, यह ऐप फोन कॉल, SMS और कैमरा जैसी संवेदनशील परमिशन का एक्सेस जरूर मांगता है, जिससे यूजर्स को सतर्क रहना चाहिए।
कैसे पता करें कि कोई ऐप जासूसी कर रहा है?
आजकल सभी स्मार्टफोन में कैमरा या माइक ऑन होने पर स्क्रीन पर हरे या ऑरेंज रंग की लाइट जलती है। अगर कोई ऐप बिना आपकी जानकारी के इन फीचर्स का इस्तेमाल कर रहा है तो यह लाइट आपको सतर्क कर सकती है।
इसके अलावा, फोन की सेटिंग्स में जाकर आप देख सकते हैं कि कौन-सी ऐप्स किस परमिशन का इस्तेमाल कर रही हैं। अगर कोई ऐप जरूरत से ज्यादा परमिशन मांग रही है तो उसे तुरंत रिव्यू करना चाहिए।निष्कर्ष
संचार साथी ऐप को लेकर विवाद जरूर है, लेकिन इसकी परमिशन सामान्य हैं और यह ऐप मुख्य रूप से सुरक्षा और रिपोर्टिंग के लिए बनाया गया है। फिर भी, यूजर्स को चाहिए कि वे इंस्टॉल करते समय परमिशन ध्यान से देखें और अपनी प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहें।

