8th Pay Commission को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार महंगाई भत्ता (DA) को जल्दी ही बेसिक पे में मर्ज किया जाएगा। बढ़ती महंगाई और बदलते वेतन ढांचे के बीच कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें तुरंत राहत मिले। इसी मुद्दे पर अब सरकार से आधिकारिक जवाब आने वाला है।
लोकसभा में उठे सवाल
सांसद आनंद भदौरिया ने वित्त मंत्रालय से इस विषय पर पांच अहम सवाल पूछे हैं। इनमें यह जानना शामिल है कि क्या सरकार ने आठवें वेतन आयोग की अधिसूचना जारी कर दी है, क्या DA और DR को बेसिक पे/पेंशन में मर्ज करने की योजना है, और अगर नहीं तो इसके पीछे कारण क्या हैं। इन सवालों का जवाब 1 दिसंबर 2025 को संसद के शीतकालीन सत्र में दिया जाएगा।
क्या होता है DA मर्ज?
सरकारी नियमों के अनुसार, हर केंद्रीय वेतन आयोग के दौरान DA को बेसिक पे में मर्ज किया जाता है। सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी। DA को बेसिक में शामिल करने से अंतिम वेतन संरचना तय होती है और कर्मचारियों को महंगाई से राहत मिलती है।
महंगाई भत्ता (DA) CPI-IW यानी महंगाई सूचकांक पर आधारित होता है। जब महंगाई बढ़ती है, तो DA भी उसी अनुपात में बढ़ता है। इसे बेसिक पे में मर्ज करने से कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी मजबूत होती है।
कर्मचारियों की उम्मीदें
कर्मचारी और पेंशनर्स चाहते हैं कि इस बार DA को जल्दी ही बेसिक पे में शामिल किया जाए। इससे उनकी सैलरी स्ट्रक्चर में स्थिरता आएगी और महंगाई से सीधी राहत मिलेगी। अब सबकी नजर 1 दिसंबर पर है, जब वित्त मंत्रालय लोकसभा में आधिकारिक जवाब देगा।
निष्कर्ष
Salary Revision 2025 के तहत अगर DA को बेसिक पे में मर्ज किया जाता है, तो यह कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत होगी। हालांकि अंतिम फैसला सरकार के जवाब पर निर्भर करेगा।
SOURCE- SANSAD

