हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL Share Price) कभी निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद कंज्यूमर स्टॉक माना जाता था। लेकिन पिछले पांच सालों में इसका प्रदर्शन उम्मीद से काफी कमजोर रहा है। इस दौरान कंपनी ने मुश्किल से 10% रिटर्न दिया, जबकि सेंसेक्स लगभग दोगुना हो गया। यानी HUL का रिटर्न बचत खाते से भी कम रहा। आइए जानते हैं इसके पीछे की तीन बड़ी वजहें।
1. प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड
HUL का शेयर लंबे समय से प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करता रहा है। निवेशकों ने इसे हमेशा एक सुरक्षित और स्थिर कंपनी माना है। लेकिन जब ग्रोथ की रफ्तार धीमी हो जाती है, तो प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि शेयर का प्रदर्शन बाजार की तुलना में कमजोर रहा।
2. राजस्व और लाभ में मामूली वृद्धि
FY25 में कंपनी का राजस्व 60,680 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 2% ज्यादा है। इसी तरह प्रॉफिट भी 13,675 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,300 करोड़ रुपये हुआ। इतनी बड़ी कंपनी के लिए यह ग्रोथ दर बहुत धीमी मानी जाती है। पहले HUL वॉल्यूम ग्रोथ और बेहतर रिटर्न के दम पर निवेशकों को आकर्षित करती थी, लेकिन अब यह बढ़त उतनी मजबूत नहीं दिख रही।
3. उपभोक्ताओं की बदलती आदतें और नए ब्रांड्स का दबाव
भारतीय उपभोक्ता अब ज्यादा सेलेक्टिव हो गए हैं। पर्सनल केयर कैटेगरी में Mamaearth, Plum और Wow जैसे नए ब्रांड्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। वहीं HUL के पारंपरिक ब्रांड जैसे होर्लिक्स और बूस्ट उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहे हैं। कंपनी को इन ब्रांड्स को फिर से मजबूत करने की जरूरत है। हालांकि, होम केयर कैटेगरी में सर्फ एक्सेल और रिन जैसे ब्रांड अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
आगे की रणनीति
नई सीईओ प्रिया नायर के नेतृत्व में HUL अब वॉल्यूम-लेड ग्रोथ, डिजिटल चैनलों और क्विक-कॉमर्स पर ध्यान दे रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को समझकर अपनी ग्रोथ को फिर से तेज करे और शेयरधारकों के लिए मूल्य बनाए रखे।

