Site icon sanvaadwala

Goldstar Shoes: भारत से अमेरिका तक लोकप्रिय, एक आइडिया ने बदली तस्वीर

जूते हमारे रोज़मर्रा के जीवन का हिस्सा हैं। भारत में रिलेक्सो, लिबर्टी, खादिम जैसे घरेलू ब्रांड और बाटा, प्यूमा, एडिडास, नाइकी जैसे विदेशी ब्रांड लंबे समय से मौजूद हैं। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा नाम भी है जिसे बहुत से लोग भारतीय ब्रांड समझते हैं, जबकि इसकी जड़ें नेपाल में हैं। बात हो रही है Goldstar Shoes Brand की, जिसने भारत से लेकर अमेरिका तक अपनी पहचान बनाई है।

शुरुआत कैसे हुई?

गोल्डस्टार की कहानी 1970 के दशक से शुरू होती है। नेपाल के नूर प्रताप राणा ने यूनिवर्सल ग्रुप के तहत कई छोटे फुटवियर उद्योग शुरू किए। इनमें मॉडर्न स्लिपर इंडस्ट्रीज और किरण शूज मैन्युफैक्चरर्स शामिल थे। इन्हीं प्रयासों के आधार पर 1990 में Goldstar Shoes ब्रांड लॉन्च किया गया।

राणा का विज़न साफ था — ऐसे जूते बनाना जो आरामदायक हों, टिकाऊ हों और आम लोगों की जेब के हिसाब से किफायती हों। यही तीन स्तंभ गोल्डस्टार की सफलता की नींव बने।

कंपनी का फोकस

गोल्डस्टार ने शुरुआत से ही तीन चीजों पर ध्यान दिया:

समय के साथ कंपनी ने इनोवेटिव टेक्नोलॉजी अपनाई और उत्पादन क्षमता बढ़ाई। आज गोल्डस्टार रोज़ाना 75,000 से अधिक जोड़ी फुटवियर बनाती है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में इसकी पांच मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं।

भारत में लोकप्रियता

भारत में गोल्डस्टार जूतों की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। इसकी वजह है आरामदायक डिज़ाइन और किफायती कीमतें। भारत के कई शहरों में लोग इसे पसंद करते हैं और यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध है।

गोल्डस्टार सिर्फ नेपाल और भारत तक सीमित नहीं है। इसके जूते ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और अमेरिका तक में बिकते हैं। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, गोल्डस्टार के आज 1.2 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं और इसके साथ 3500 से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हुए हैं।

वर्तमान नेतृत्व

आज गोल्डस्टार की कमान नूर प्रताप राणा के उत्तराधिकारी अमीर प्रताप जेबी राणा के हाथ में है। कंपनी लगातार नए डिज़ाइन और सीरीज लॉन्च कर रही है।

इसके अलावा, यूनिवर्सल ग्रुप की दूसरी कंपनी मॉडर्न स्लिपर इंडस्ट्रीज ने HATHI हवाई स्लिपर्स पेश किए थे, जो अस्सी के दशक में आए और आज भी लोकप्रिय हैं।

वैश्विक पहचान

गोल्डस्टार की खासियत यह है कि यह सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक कहानी है। नेपाल जैसे छोटे देश से शुरू होकर यह ब्रांड भारत और फिर अमेरिका तक पहुंचा।

क्यों है खास?

गोल्डस्टार की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर किसी ब्रांड का फोकस ग्राहकों की जरूरतों पर हो, तो वह सीमाओं से परे जाकर भी सफल हो सकता है।

निष्कर्ष

Goldstar Shoes की कहानी एक आइडिया से शुरू हुई थी — आरामदायक और किफायती जूते बनाने का। आज यह ब्रांड नेपाल से निकलकर भारत, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और अमेरिका तक पहुंच चुका है। 1.2 करोड़ से अधिक ग्राहकों और हजारों कर्मचारियों के साथ गोल्डस्टार ने साबित कर दिया है कि सही सोच और लगातार मेहनत से कोई भी ब्रांड अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकता है।


Author

  • My Full Name Is Ashutosh Behera staying in India, My Education is Degree Complete And Active in social Platfrom is Youtube and Facebook and Other. My Age 21,this site is provide education and new latest news.

    View all posts
Exit mobile version