निवेश की दुनिया में आज कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें से दो सबसे लोकप्रिय हैं – सोना (Gold Investment) और म्यूचुअल फंड एसआईपी (Systematic Investment Plan)। सोना सदियों से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, वहीं एसआईपी पिछले कुछ सालों में निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। लेकिन सवाल यह है कि आपके लिए कौन सा विकल्प ज्यादा सही है? आइए दोनों के फायदे और नुकसान को समझते हैं।
सोने में निवेश
फायदे:
- सोना अस्थिर समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है।
- इसकी कीमत लंबे समय में अक्सर बढ़ती है। उदाहरण के तौर पर, पिछले साल 24 कैरेट सोना 70-80 हजार रुपये के आसपास था, जो अब 1,20,000 रुपये से ऊपर पहुंच गया है।
- आज फिजिकल गोल्ड के अलावा गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड के जरिए भी निवेश किया जा सकता है।
नुकसान:
- फिजिकल गोल्ड पर 3% टैक्स और मेकिंग चार्ज देना पड़ता है।
- इसे सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण होता है और चोरी का खतरा रहता है।
- गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड फंड में भी मैनेजमेंट चार्ज देना पड़ता है।
SIP में निवेश
फायदे:
- एसआईपी के जरिए आप छोटे-छोटे किस्तों में निवेश कर सकते हैं, शुरुआत 100 रुपये से भी संभव है।
- लंबे समय में म्यूचुअल फंड एसआईपी से 12-14% तक अनुमानित रिटर्न मिल सकता है।
- इसमें विविधता का विकल्प है – इक्विटी, डेब्ट, हाइब्रिड और यहां तक कि गोल्ड फंड में भी एसआईपी किया जा सकता है।
नुकसान:
- रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, यह पूरी तरह बाजार पर निर्भर करता है।
- सही फंड चुनना मुश्किल हो सकता है क्योंकि मार्केट में बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं।
निष्कर्ष
अगर आप स्थिर और परंपरागत निवेश चाहते हैं तो गोल्ड आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आप लंबे समय तक नियमित निवेश कर अच्छे रिटर्न की उम्मीद रखते हैं तो SIP सही रहेगा। दोनों ही विकल्पों का संतुलित उपयोग आपके पोर्टफोलियो को मजबूत बना सकता है।

