18 नवंबर, मंगलवार को सोने और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन एक बार फिर चांदी की गिरावट सोने से ज्यादा रही। यह कोई पहली बार नहीं है—अक्सर देखा जाता है कि जब भी दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव होता है, तो चांदी की चाल ज्यादा तेज होती है।
दोपहर 3.40 बजे तक चांदी में ₹1,362 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना ₹1,035 प्रति 10 ग्राम गिरा। सुबह के समय चांदी ₹3,000 से ज्यादा लुढ़क चुकी थी, वहीं सोने में गिरावट ₹1,800 के आसपास रही।
चांदी की चाल क्यों रहती है तेज?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोने और चांदी का रेश्यो इस समय करीब 80% के आसपास है। यह रेश्यो जितना नीचे जाता है, चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव उतना ही ज्यादा होता है। यानी अगर रेश्यो कम है, तो चांदी में तेजी या गिरावट सोने से अधिक होगी।
वहीं जब यह रेश्यो ऊपर जाता है, तो निवेशक अस्थिरता से बचने के लिए सोने की ओर रुख करते हैं। चांदी की कीमतें इंडस्ट्रियल डिमांड, लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम से भी प्रभावित होती हैं, जिससे इसकी वोलैटिलिटी ज्यादा रहती है।
आपके शहर में सोने और चांदी का भाव
| शहर | सोने का भाव (10 ग्राम) | चांदी की कीमत (1 किलो) |
|---|---|---|
| पटना | ₹121,380 | ₹151,810 |
| जयपुर | ₹121,430 | ₹152,090 |
| कानपुर | ₹121,470 | ₹152,150 |
| लखनऊ | ₹121,470 | ₹152,150 |
| भोपाल | ₹121,570 | ₹152,100 |
| इंदौर | ₹121,570 | ₹152,100 |
| चंडीगढ़ | ₹121,440 | ₹151,940 |
| रायपुर | ₹121,390 | ₹151,880 |
पटना में सोने और चांदी दोनों की कीमत सबसे कम है। वहीं कानपुर और लखनऊ में चांदी सबसे महंगी बिक रही है।
क्या निवेश के लिए चांदी बेहतर है?
अगर आप शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करते हैं, तो चांदी की वोलैटिलिटी आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। लेकिन लॉन्ग टर्म निवेश के लिए सोना ज्यादा स्थिर विकल्प माना जाता है।

