अक्टूबर 2025 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने देश ने करीब 14.72 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹1.30 लाख करोड़ का सोना आयात किया। यह पिछले साल अक्टूबर के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा है।
इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह त्योहारों और शादी के मौसम में आई मांग है। भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पारिवारिक परंपराओं से भी जुड़ा होता है। खासकर दशहरा, दिवाली और नवंबर-दिसंबर की शादियों के दौरान इसकी मांग काफी बढ़ जाती है।
अप्रैल से अक्टूबर तक कितना बढ़ा इंपोर्ट?
अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच कुल गोल्ड इंपोर्ट 21.44% बढ़कर 41.23 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 34 बिलियन डॉलर था। इस बढ़ोतरी का असर देश के ट्रेड डेफिसिट पर भी पड़ा है, जो अक्टूबर में 41.68 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
दिल्ली में इस समय सोने की कीमत करीब ₹1.29 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। यानी घरेलू बाजार में भी कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं।
सोना कहां से आ रहा है?
भारत के गोल्ड इंपोर्ट में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी स्विट्जरलैंड की है—करीब 40%। इसके बाद यूएई (16%) और दक्षिण अफ्रीका (10%) का नंबर आता है। अक्टूबर में स्विट्जरलैंड से आयात 403% बढ़कर 5.08 बिलियन डॉलर हो गया।
ज्वेलरी इंडस्ट्री की मांग का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है। हालांकि, पिछले महीने जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट में 29.5% की गिरावट दर्ज की गई और यह 2.3 बिलियन डॉलर पर आ गया।
सिल्वर इंपोर्ट में भी तेजी
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी के आयात में भी उछाल देखा गया। अक्टूबर में सिल्वर इंपोर्ट 528% बढ़कर 2.71 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और फार्मा जैसे सेक्टरों में होता है।
कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने साफ किया है कि इस बार के डेटा में डबल अकाउंटिंग की कोई संभावना नहीं है। जनवरी में सरकार ने नवंबर 2024 के असामान्य उछाल के बाद सुधार किया था।

