भारत में सोना (Gold Price) सिर्फ निवेश का साधन नहीं है, बल्कि यह परंपरा और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। खासकर शादी के समय सोने की मांग सबसे ज्यादा रहती है। दुल्हन के लिए गहने जैसे अंगूठी, हार, कड़े और झुमके खरीदे जाते हैं। लेकिन सोने की बढ़ती कीमतों को देखते हुए अब लोग 22 कैरेट की बजाय 18, 14 या 9 कैरेट गोल्ड को विकल्प के रूप में चुनने लगे हैं। सवाल यह है कि शादी और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए कौन सा कैरेट गोल्ड सही रहेगा?
9 कैरेट गोल्ड
- इसमें लगभग 37.5% सोना और बाकी अन्य धातुओं का मिश्रण होता है।
- यह सबसे किफायती विकल्प है और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त माना जाता है।
- अंगूठी और ब्रेसलेट जैसे हल्के गहनों के लिए 9 कैरेट गोल्ड अच्छा विकल्प है।
- कीमत कम होने के कारण बजट में फिट बैठता है, लेकिन इसमें सोने की शुद्धता कम होती है।
14 कैरेट गोल्ड
- इसमें 58.5% सोना होता है और बाकी हिस्सा अन्य धातुओं का मिश्रण होता है।
- अमेरिका और यूरोप में 14 कैरेट गोल्ड काफी लोकप्रिय है और अब भारत के शहरी इलाकों में भी इसका चलन बढ़ रहा है।
- पतली चैन, रिंग और रोजाना पहनने वाले गहनों के लिए यह बेहतर विकल्प है।
- हीरे या अन्य स्टोन के साथ ज्वेलरी बनाने में 14 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल ज्यादा होता है।
18 कैरेट गोल्ड
- इसमें 75% सोना और बाकी अन्य धातुओं का मिश्रण होता है।
- यह 9 और 14 कैरेट से ज्यादा शुद्ध माना जाता है।
- भारी गहने जैसे हार, कड़े और शादी के लिए खास ज्वेलरी बनाने में 18 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल होता है।
- हालांकि, पतली ज्वेलरी के लिए यह उतना उपयुक्त नहीं है क्योंकि इसमें सोने की मात्रा ज्यादा होने से मजबूती कम हो सकती है।
निष्कर्ष
अगर आप रोजाना पहनने वाले गहने खरीदना चाहते हैं तो 9 या 14 कैरेट गोल्ड बेहतर रहेगा। वहीं शादी और खास मौकों के लिए भारी गहनों में 18 कैरेट गोल्ड सबसे उपयुक्त विकल्प है। बजट और इस्तेमाल को ध्यान में रखकर सही कैरेट चुनना ही समझदारी है।

