सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी GAIL (Gas Authority of India Limited) के शेयरों में 28 नवंबर को शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर 6% से ज्यादा टूट गए। वजह रही सरकार का टैरिफ से जुड़ा फैसला। दरअसल, Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) ने ट्रांसमिशन टैरिफ रिविजन ऑर्डर जारी किया, लेकिन इसमें बढ़ोतरी कंपनी की उम्मीद से काफी कम रही।
क्या है मामला?
GAIL ने ट्रांसमिशन टैरिफ में 33% बढ़ोतरी की मांग की थी। कंपनी चाहती थी कि शुल्क को ₹58.6 से बढ़ाकर ₹78 प्रति MMBtu किया जाए। लेकिन PNGRB ने सिर्फ 12% की बढ़ोतरी की और नया टैरिफ ₹65.7 प्रति MMBtu तय किया। यही वजह रही कि निवेशकों का भरोसा डगमगा गया और शेयरों में गिरावट दर्ज हुई।
शेयर प्राइस पर असर
25 नवंबर को GAIL का शेयर ₹182 पर खुला था, लेकिन टैरिफ फैसले के बाद यह गिरकर ₹171.80 तक पहुंच गया। यानी निवेशकों को एक ही दिन में बड़ा झटका लगा। 2025 में अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 9% की गिरावट आ चुकी है।
ब्रोकरेज फर्म का नजरिया
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने कहा कि टैरिफ में बढ़ोतरी कंपनी की मांग से कम है, लेकिन यह मोटे तौर पर उनकी उम्मीदों के अनुरूप है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगले वित्त वर्ष 2029 से टैरिफ संशोधन में वास्तविक पूंजीगत व्यय, परिचालन खर्च और ट्रांसमिशन लॉस को ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही, वित्त वर्ष 2027 में ट्रांसमिशन वॉल्यूम में सुधार और प्राकृतिक गैस की मांग बढ़ने से GAIL को फायदा मिल सकता है।
निवेशकों की चिंता
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि टैरिफ बढ़ोतरी कम होने से कंपनी की आय पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, लंबे समय में गैस की मांग बढ़ने और वॉल्यूम सुधार से कंपनी को राहत मिल सकती है।
निष्कर्ष
GAIL Share News से साफ है कि सरकार ने कंपनी की मांग पूरी तरह नहीं मानी। टैरिफ में कम बढ़ोतरी से शेयरों में गिरावट आई है। फिलहाल निवेशकों को इंतजार करना होगा कि आने वाले महीनों में गैस की मांग और टैरिफ संशोधन से कंपनी की स्थिति कैसे बदलती है।

