किसानों के लिए एक नई पहल की तैयारी हो रही है। सरकार अब ऐसा वेब प्लेटफॉर्म बनाने जा रही है, जहां किसान उत्पादक संगठन यानी FPO (Farmer Producer Organisation) अपनी उपज सीधे होटल और रेस्तरां को बेच सकेंगे। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बीच में मौजूद बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा।
क्या है नई पहल?
कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि देशभर में करीब 35,000 FPO मौजूद हैं, जिनमें से 10,000 सरकारी योजनाओं के तहत बनाए गए हैं। इन संगठनों को अब एक वेब प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करने की सुविधा दी जाएगी। होटल और रेस्तरां इस प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे किसानों से सब्जियां, फल, मसाले और अनाज खरीद सकेंगे।
किसानों और होटल-रेस्तरां दोनों को फायदा
- किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा
- होटल और रेस्तरां को ताज़ा सामान कम दाम पर उपलब्ध होगा
- सप्लाई चेन में पारदर्शिता बढ़ेगी
- स्थानीय स्तर पर साझेदारी से रोजगार और आय में वृद्धि होगी
क्यों जरूरी है यह कदम?
भारत की GDP में कृषि का योगदान लगभग 18 प्रतिशत है, जबकि इसमें 46 प्रतिशत वर्कफोर्स काम करती है। छोटी जोत और बाजार तक पहुंच की कमी के कारण किसानों की सौदेबाजी की क्षमता कम हो जाती है। यही वजह है कि खेत से मंडी तक कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। सीधी साझेदारी इस अंतर को कम करने में मदद करेगी।
ऑर्गेनिक और GI उत्पादों पर जोर
कृषि सचिव ने यह भी कहा कि कीटनाशक-मुक्त और ऑर्गेनिक खाने की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे किसान जो ऑर्गेनिक खेती करते हैं, वे होटल और रेस्तरां के साथ टाई-अप कर सकते हैं। साथ ही GI-टैग वाले उत्पाद जैसे बासमती चावल, खास फल और सब्जियां भी इस प्लेटफॉर्म पर प्रमोट किए जाएंगे।
निष्कर्ष
सरकार की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और होटल-रेस्तरां सेक्टर को सस्ती व ताज़ा उपज उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में यह वेब प्लेटफॉर्म किसानों और व्यापारियों के बीच सीधी कड़ी बनेगा।

