कार का इंजन वाहन का सबसे अहम हिस्सा होता है। अगर इंजन में कोई समस्या आ जाए तो पूरी गाड़ी प्रभावित होती है। सफर के दौरान अक्सर ड्राइवरों को इंजन ओवरहीटिंग की परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति न केवल यात्रा को मुश्किल बना देती है बल्कि इंजन को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि ड्राइविंग करते समय कुछ सावधानियां बरती जाएं और सही कदम उठाए जाएं।
इंजन ओवरहीटिंग के कारण
इंजन ओवरहीट होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं।
- लंबे समय तक बिना रुके गाड़ी चलाना।
- गर्म मौसम में लगातार ड्राइविंग करना।
- कूलेंट सिस्टम में लीकेज होना।
- रेडिएटर या फैन का सही तरीके से काम न करना।
इन कारणों से इंजन का तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है और ओवरहीटिंग की समस्या सामने आती है।
सफर में क्या करें
अगर आपकी कार का इंजन अचानक गरम हो जाए तो सबसे पहले गाड़ी को किसी सुरक्षित जगह पर रोकें। इंजन बंद कर दें और बोनट खोलकर उसे ठंडा होने दें। इस दौरान कार को चलाने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे इंजन को स्थायी नुकसान हो सकता है।
रेडिएटर कैप न खोलें
इंजन गरम होने पर कई लोग तुरंत रेडिएटर कैप खोलने की कोशिश करते हैं। ऐसा करना खतरनाक है क्योंकि अंदर मौजूद गर्म कूलेंट बाहर निकल सकता है और चोट लग सकती है। कंपनियां भी इस बारे में चेतावनी देती हैं कि इंजन गरम होने पर रेडिएटर कैप को कभी न खोलें।
कूलेंट और लीकेज की जांच
इंजन ठंडा होने के बाद कूलेंट लेवल जरूर जांचें। अगर कूलेंट कम है तो उसे भरें। साथ ही यह भी देखें कि कहीं से कूलेंट लीक तो नहीं हो रहा। अगर लीकेज की समस्या है तो तुरंत किसी अच्छे मैकेनिक से संपर्क करें।
भविष्य में कैसे बचें
- हर 3,000 से 4,000 किलोमीटर के बाद कार की सर्विसिंग कराएं।
- कूलेंट सिस्टम की नियमित जांच करें।
- गर्म मौसम में लंबी दूरी तय करते समय बीच-बीच में ब्रेक लें।
- इंजन से जुड़ी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें।
नतीजा
इंजन ओवरहीटिंग एक आम समस्या है लेकिन सही समय पर सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है। सफर के दौरान अगर इंजन गरम हो जाए तो तुरंत गाड़ी रोकें, इंजन को ठंडा होने दें और कूलेंट की जांच करें। इन छोटे-छोटे कदमों से आप न केवल अपनी यात्रा सुरक्षित बना सकते हैं बल्कि इंजन को बड़े नुकसान से भी बचा सकते हैं।

