कार चलाते समय हम अक्सर इंजन, टायर या ब्रेक जैसे बड़े हिस्सों पर ध्यान देते हैं, लेकिन हैंडब्रेक की स्थिति को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि हैंडब्रेक एक अहम सुरक्षा फीचर है, खासकर पार्किंग और आपात स्थिति में। अगर यह सही तरह से काम न करे, तो कार के फिसलने या अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि हैंडब्रेक फेल होने से पहले कौन-से संकेत मिलते हैं और कैसे समय रहते इनका समाधान किया जा सकता है।
हैंडब्रेक फेल होने के संकेत
- हैंडब्रेक लगाने पर कार न रुकना
अगर आप हैंडब्रेक लगाते हैं और फिर भी कार धीरे-धीरे खिसकती है, तो यह साफ संकेत है कि ब्रेक ठीक से काम नहीं कर रहा। - हैंडब्रेक बहुत टाइट या बहुत ढीला लगना
सामान्य स्थिति में हैंडब्रेक एक निश्चित दूरी तक खिंचता है। अगर यह जरूरत से ज्यादा टाइट हो जाए या बहुत आसानी से ऊपर उठ जाए, तो इसकी वायरिंग या एडजस्टमेंट में गड़बड़ी हो सकती है। - हैंडब्रेक लाइट का लगातार जलना
अगर हैंडब्रेक हटाने के बाद भी डैशबोर्ड पर इसकी चेतावनी लाइट जलती रहे, तो यह सेंसर या ब्रेक सिस्टम में खराबी का संकेत हो सकता है। - टायर पर पकड़ कमजोर होना
हैंडब्रेक लगाने पर अगर टायर पर पकड़ कम महसूस हो, तो यह ब्रेक पैड या केबल में समस्या का संकेत हो सकता है।
कैसे करें बचाव?
- नियमित सर्विसिंग में जांच
हर सर्विस के दौरान हैंडब्रेक की स्थिति की जांच जरूर करवाएं। जरूरत पड़ने पर ऑयलिंग या ग्रीसिंग करवा लें। - समय-समय पर इस्तेमाल करें
हैंडब्रेक का नियमित उपयोग उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करता है। लंबे समय तक इस्तेमाल न करने पर यह जाम या कमजोर हो सकता है। - संदेह होने पर तुरंत मैकेनिक से संपर्क करें
अगर ऊपर बताए गए कोई भी संकेत दिखें, तो देरी न करें। नजदीकी सर्विस सेंटर जाकर जांच करवाएं।
हैंडब्रेक का महत्व
हैंडब्रेक को आमतौर पर पार्किंग ब्रेक या आपात ब्रेक के रूप में जाना जाता है। यह ड्राइवर की दाईं ओर लीवर के रूप में होता है, जबकि कुछ आधुनिक कारों में इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप में पैरों के पास या बटन के तौर पर दिया जाता है। इसका उपयोग खासकर ढलान पर गाड़ी रोकने या अचानक ब्रेक फेल होने की स्थिति में किया जाता है।

