दिसंबर 2025 में रिजर्व बैंक की अगली मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC Meeting) की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में रेपो रेट (RBI Repo Rate) को लेकर फैसला लिया जाएगा, जो सीधे तौर पर आपके होम लोन और ईएमआई पर असर डाल सकता है।
अभी रेपो रेट 5.50% पर स्थिर है। जून से लेकर अक्टूबर तक की पिछली दो बैठकों में इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि फरवरी और अप्रैल में रेपो रेट में क्रमशः 0.25% की कटौती की गई थी, और जून में 0.50% की बड़ी कटौती देखने को मिली थी।
अब सवाल है कि क्या दिसंबर में फिर से कटौती होगी?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महंगाई में थोड़ी नरमी और आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता को देखते हुए RBI रेपो रेट में हल्की कटौती कर सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला बैठक के बाद ही सामने आएगा।
रेपो रेट घटे तो क्या होगा असर?
अगर RBI रेपो रेट में कटौती करता है, तो बैंकों को सस्ते में लोन मिलेगा। इसका असर आम लोगों पर भी पड़ेगा—होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें घट सकती हैं। इससे आपकी EMI कम हो सकती है।
हालांकि, यह पूरी तरह बैंकों पर निर्भर करता है कि वे रेपो रेट में कटौती का लाभ ग्राहकों को कितना और कब तक पास ऑन करते हैं। खासकर फिक्स्ड रेट लोन वाले ग्राहकों को इसका असर तुरंत नहीं दिखता।
रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को शॉर्ट टर्म लोन देता है। इसी दर के आधार पर बैंक अपने ग्राहकों को लोन देते हैं। इसलिए इसमें बदलाव का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश या लोन से जुड़े निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

