साल 2025 में सोने की कीमतों (Gold Rate Update) ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां गोल्ड $4,000 प्रति औंस के पार पहुंच गया, वहीं भारत में इसकी कीमत ₹1.30 लाख प्रति 10 ग्राम तक चली गई। लेकिन अब जब त्योहारी सीजन खत्म हो चुका है और कीमतों में थोड़ी नरमी आई है, तो सवाल उठता है—क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
इस पर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अस्वथ दामोदरन ने दो अहम मेट्रिक्स के जरिए अपनी राय रखी है।
सोना महंगा है या सस्ता?
दामोदरन के मुताबिक, सोना फिलहाल ओवरवैल्यूड दिख रहा है। उन्होंने दो ऐतिहासिक अनुपातों से इसकी वैल्यू को जांचा:
- Gold-to-CPI Ratio: अक्टूबर 2025 में यह रेशियो 17.81 रहा, जबकि इसका ऐतिहासिक औसत करीब 3 है। यानी महंगाई के मुकाबले सोना काफी महंगा है।
- Gold-to-Silver Ratio: यह अनुपात 84.73 तक पहुंच गया, जबकि सामान्य औसत 57.09 होता है। इसका मतलब है कि सोना चांदी के मुकाबले भी महंगा हो सकता है।
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले तीन बड़े फैक्टर
- मुद्रास्फीति (Inflation): हल्की महंगाई से नहीं, बल्कि अचानक बढ़ती महंगाई से सोना बचाव करता है।
- संकट का डर (Crisis Fear): जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो सोना सेफ-हेवन बन जाता है।
- रीयल ब्याज दरें: ब्याज दरें घटें तो सोना चमकता है, बढ़ें तो इसकी मांग कम होती है।
दामोदरन ने यह भी कहा कि सोना कोई कैश फ्लो नहीं देता, इसलिए इसकी वैल्यू कलेक्टिबल जैसी होती है। इसकी कीमत मांग, भावना और बाजार के मूड पर निर्भर करती है।
निवेशकों के लिए सलाह
अगर आप सोना सिर्फ सुरक्षा के लिए खरीदना चाहते हैं, तो इसे बीमा की तरह समझें। यह तब काम आता है जब आपकी बाकी संपत्ति शेयर या बॉन्ड में लगी हो। दामोदरन का मानना है कि मौजूदा कीमतें डर और अनिश्चितता से प्रेरित हैं, न कि मजबूत फंडामेंटल्स से।
आज का सोना भाव (Gold Rate Today)
- MCX पर 24 कैरेट गोल्ड: ₹1,21,038 प्रति 10 ग्राम
- IBJA पर गोल्ड प्राइस: ₹1,20,100 प्रति 10 ग्राम
शादी के सीजन में कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले बाजार की दिशा जरूर समझें।

