कृषि डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) किसानों के लिए सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना ₹6000 की आर्थिक मदद दी जाती है, जो तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। संसद में पेश किए गए ताज़ा आंकड़ों ने दिखाया है कि पिछले छह वर्षों में किसानों को इस योजना से कितना बड़ा लाभ मिला है।
तमिलनाडु के किसानों को मिला 12,764 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार ने बताया कि 2019 से अब तक तमिलनाडु के किसानों को ₹12,764 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी गई। इससे राज्य के लाखों किसानों को खेती से जुड़े छोटे-बड़े खर्च पूरे करने में मदद मिली है।
पूरे देश में कितना पैसा गया?
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री रामनाथ ठाकुर ने संसद में कहा कि योजना शुरू होने के बाद से अब तक 21 किश्तों में किसानों को ₹4.09 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। यह राशि देशभर के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों तक पहुंची है।
योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी शर्तें
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ नियम लागू किए हैं कि लाभ सिर्फ योग्य किसानों तक पहुंचे।
- जमीन की सीडिंग: किसानों की जमीन का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से जोड़ना जरूरी है।
- आधार-बेस्ड पेमेंट: भुगतान सिर्फ आधार से जुड़े बैंक खातों में होता है।
- e-KYC: हर किसान को e-KYC पूरी करनी होती है, वरना किस्त अटक सकती है।
जल जीवन मिशन के साथ जुड़ा फायदा
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने संसद में बताया कि 2019 से तमिलनाडु में ग्रामीण घरों को नल के पानी के कनेक्शन देने का काम भी तेजी से हुआ है। अब राज्य के 1.25 करोड़ घरों में से 1.11 करोड़ घरों को नल का पानी मिल रहा है। यह काम राज्य सरकार और केंद्र सरकार की साझेदारी से हुआ है।
कब आएगी 22वीं किस्त?
PM किसान योजना की अगली 22वीं किस्त फरवरी 2026 में आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह किस्त फरवरी के आखिरी हफ्ते में ट्रांसफर हो सकती है। इस बार भी 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह किस्त पश्चिम बंगाल से जारी हो सकती है क्योंकि अगले साल वहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
कुछ किसानों को मिलेंगे ₹4000
22वीं किस्त में कुछ किसानों को ₹4000 रुपये मिल सकते हैं। दरअसल, कई किसानों को 21वीं किस्त नहीं मिली थी क्योंकि उन्होंने समय पर e-KYC और जमीन का वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया था। अब अगर उन्होंने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, तो पिछली किस्त भी जारी कर दी जाएगी। इस तरह उन्हें एक साथ दो किस्तों का पैसा मिलेगा।
किसानों के लिए बड़ा सहारा
PM Kisan Yojana किसानों के लिए खेती से जुड़े खर्चों में मददगार साबित हो रही है। बीज, खाद, सिंचाई और छोटे उपकरणों की खरीद में यह राशि काम आती है। भले ही रकम बहुत बड़ी न हो, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना राहत का काम करती है।
निष्कर्ष
पिछले छह वर्षों में PM Kisan Yojana ने किसानों को बड़ा आर्थिक सहारा दिया है। संसद में पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि तमिलनाडु जैसे राज्यों में हजारों करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचे हैं। फरवरी में आने वाली 22वीं किस्त से करोड़ों किसानों को फिर से फायदा मिलेगा।

