आज के समय में निवेश की आदत बनाना बेहद जरूरी हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और भविष्य की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए केवल बचत ही काफी नहीं है। यही वजह है कि लोग अब म्यूचुअल फंड में निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे आसान तरीका है SIP यानी Systematic Investment Plan। इसमें आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं और लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।
कई लोग यह सवाल पूछते हैं कि अगर वे हर महीने केवल 1000 रुपये की SIP करें तो 10 साल बाद उनके पास कितना फंड तैयार होगा। आइए इसे एक आसान कैलकुलेशन से समझते हैं।
SIP Calculation: 1000 रुपये मासिक निवेश
मान लीजिए कोई व्यक्ति 10 साल तक हर महीने 1000 रुपये निवेश करता है।
- निवेश राशि: ₹1000 प्रति माह
- कुल अवधि: 10 साल (120 महीने)
- कुल मूलधन: ₹1,20,000
अब अगर इस निवेश पर औसतन 12% वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो 10 साल बाद यह रकम बढ़कर लगभग ₹2,32,000 हो जाएगी। यानी निवेशक को केवल रिटर्न के रूप में ₹1,12,000 का फायदा होगा।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह अनुमानित रिटर्न है। वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। म्यूचुअल फंड में आमतौर पर 12% से 14% तक का औसत रिटर्न देखा जाता है, लेकिन यह कम या ज्यादा भी हो सकता है।
SIP क्यों है बेहतर विकल्प?
- छोटे निवेश से शुरुआत: हर महीने थोड़ी रकम से भी निवेश करना आसान है।
- कंपाउंडिंग का फायदा: समय के साथ आपका पैसा ब्याज पर ब्याज कमाता है।
- अनुशासन: SIP से निवेश की आदत बनती है और आप नियमित रूप से बचत करते हैं।
- लंबी अवधि में फायदा: बाजार के उतार-चढ़ाव को संतुलित करने में मदद मिलती है।
सही म्यूचुअल फंड चुनने के लिए 6 अहम बातें
निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन सा फंड आपके लिए सही है। आशियाना फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ अनिरुद्ध गुप्ता के अनुसार, इन 6 बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- AUM (Assets Under Management): फंड का AUM कम से कम ₹1000 करोड़ होना चाहिए। छोटा AUM ज्यादा रिस्क वाला होता है।
- फंड की उम्र: कम से कम 5 साल पुराना फंड चुनें ताकि उसके प्रदर्शन का रिकॉर्ड देखा जा सके।
- Expense Ratio: जितना कम खर्च अनुपात होगा, उतना बेहतर।
- Alpha: यह बताता है कि फंड मार्केट इंडेक्स से कितना बेहतर रिटर्न दे रहा है।
- Beta: यह दिखाता है कि फंड बाजार के उतार-चढ़ाव पर कितना संवेदनशील है।
- Turnover Ratio: अगर यह 40% से ज्यादा है तो फंड रिस्की माना जाता है।
निवेशकों के लिए संकेत
- SIP लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।
- छोटे निवेश से शुरुआत कर धीरे-धीरे रकम बढ़ाई जा सकती है।
- सही फंड चुनने के लिए ऊपर बताई गई बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
- निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श करना हमेशा सुरक्षित रहता है।
निष्कर्ष
SIP Calculator के अनुसार, हर महीने 1000 रुपये निवेश करने पर 10 साल में लगभग ₹2.32 लाख का फंड तैयार हो सकता है। इसमें ₹1.20 लाख आपका मूलधन होगा और बाकी ₹1.12 लाख रिटर्न से आएगा। यह उदाहरण दिखाता है कि छोटे निवेश से भी बड़ा फंड बनाया जा सकता है।
अगर आप निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो SIP एक बेहतरीन तरीका है। यह न केवल अनुशासन सिखाता है बल्कि भविष्य की ज़रूरतों के लिए मजबूत वित्तीय आधार भी तैयार करता है।

