केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए हर वेतन आयोग (Pay Commission) एक अहम पड़ाव होता है। सातवें वेतन आयोग के बाद अब 8th Pay Commission को लेकर चर्चाएं तेज हैं। संसद के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे पर सवाल उठे और वित्त मंत्रालय ने साफ किया कि मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
क्या है मामला?
लोकसभा में सांसद आनंद भदौरिया ने वित्त मंत्रालय से दो सवाल पूछे।
- क्या सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन के लिए कोई अधिसूचना जारी की है?
- क्या सरकार बढ़ती महंगाई को देखते हुए तत्काल राहत के तौर पर DA/DR को बेसिक वेतन में मर्ज करने पर विचार कर रही है?
इन सवालों के जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि DA/DR को बेसिक सैलरी में मिलाने का कोई प्रस्ताव फिलहाल सरकार के पास नहीं है।
DA/DR क्यों जरूरी है?
महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के असर से बचाना है।
- यह दरें लेबर ब्यूरो द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर तय होती हैं।
- हर छह महीने में इनकी समीक्षा होती है।
- इससे कर्मचारियों की आय महंगाई के हिसाब से एडजस्ट होती रहती है।
यानी DA/DR को बेसिक में मर्ज किए बिना भी कर्मचारियों को महंगाई के अनुसार राहत मिलती है।
वेतन आयोग का पैटर्न
भारत में आमतौर पर हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग आता है।
- सातवां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था।
- अब 8वें वेतन आयोग की उम्मीद 2026 तक की जा रही है।
- हर आयोग का मकसद कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर को बदलना और महंगाई के हिसाब से वेतन को अपडेट करना होता है।
कर्मचारियों की उम्मीदें
केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार DA/DR को बेसिक सैलरी में मर्ज कर देगी।
- इससे पेंशन और अन्य भत्तों की गणना भी बढ़ जाती।
- लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई कदम फिलहाल नहीं उठाया जाएगा।
- हालांकि, 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को वेतन में बढ़ोतरी की उम्मीद जरूर है।
मौजूदा वेतन और महंगाई भत्ता
- दिसंबर 2025 तक केंद्रीय कर्मचारियों को 50% से ज्यादा DA मिल रहा है।
- हर छह महीने में महंगाई भत्ते की दरें संशोधित होती हैं।
- इससे कर्मचारियों की आय महंगाई के हिसाब से एडजस्ट होती रहती है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बदलाव होगा।
- आयोग महंगाई, जीवन-यापन की लागत और आर्थिक हालात को ध्यान में रखकर सिफारिशें करेगा।
- इससे कर्मचारियों की आय में सुधार होगा।
- लेकिन DA/DR को बेसिक में मर्ज करने की मांग अभी भी अधूरी रह गई है।
निष्कर्ष
8th Pay Commission Latest के अनुसार, सरकार ने संसद में साफ किया है कि DA/DR को बेसिक सैलरी में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, आने वाले समय में वेतन आयोग से कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
कर्मचारियों को फिलहाल महंगाई भत्ते के जरिए राहत मिलती रहेगी। लेकिन बेसिक वेतन में बड़ा बदलाव केवल 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही संभव होगा।

