देशभर में लाखों सिक्योरिटी गार्ड अलग-अलग कंपनियों और साइट्स पर काम करते हैं। अक्सर उनके मन में यह सवाल आता है कि अगर वे कई जगह काम कर रहे हैं, तो PF सदस्यता (EPF Membership) कैसे मिलेगी और पीएफ किसके नाम से कटेगा? इसको लेकर EPFO Rule 2025 बिल्कुल साफ है।
सदस्यता कंपनी से जुड़ी होती है, जगह से नहीं
EPFO के नियमों के अनुसार, सिक्योरिटी गार्ड की पीएफ सदस्यता उस कंपनी से जुड़ी होती है जिसने उसे नियुक्त किया है, न कि उस जगह से जहां वह ड्यूटी पर तैनात है। यानी अगर उसकी सिक्योरिटी एजेंसी PF Act के तहत रजिस्टर्ड है, तो पीएफ कटना तय है। चाहे गार्ड किसी बैंक, अस्पताल, दुकान या ऑफिस में काम कर रहा हो, उसका पीएफ उसी कंपनी के नाम से जमा होगा।
कई जगह काम करने पर क्या होगा?
अगर कोई सिक्योरिटी गार्ड एक से अधिक कंपनियों में काम करता है, तो हर नियोक्ता को उसके UAN (Universal Account Number) के जरिए पीएफ योगदान करना होगा। कर्मचारी को अपना UAN सक्रिय रखना चाहिए, ताकि वह सभी पीएफ खातों को एक ही जगह देख सके। इस तरह अलग-अलग कंपनियों से कटे पीएफ का पैसा एक ही खाते में जुड़ता रहेगा।
नौकरी बदलने पर भी सुरक्षित रहेगा PF
इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि नौकरी बदलने या लोकेशन बदलने पर भी पीएफ अकाउंट प्रभावित नहीं होता। UAN वही रहता है और पीएफ का अमाउंट उसी Employer Code के जरिए जमा होता रहता है। इससे सिक्योरिटी गार्ड जैसे कर्मचारियों को स्थायित्व मिलता है और उनके रिटायरमेंट फंड में निरंतर योगदान होता रहता है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का मकसद यही है कि असंगठित और बार-बार स्थानांतरण वाले क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा मिले। इसलिए सिक्योरिटी सेक्टर में काम करने वालों के लिए यह नियम बेहद महत्वपूर्ण है।
अगर आप सिक्योरिटी गार्ड हैं और कई जगह काम करते हैं, तो चिंता की जरूरत नहीं। आपका पीएफ आपकी कंपनी से ही कटेगा और सभी योगदान आपके UAN से जुड़े रहेंगे। यही है EPFO Update 2025, जो सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों को हर हाल में PF का लाभ मिले।

