वित्त वर्ष 2024-25 (Assessment Year 2025-26) के लिए कई करदाता अपने ITR Refund का इंतजार कर रहे हैं। इस बार रिफंड प्रोसेसिंग में देरी हो रही है, जिससे टैक्सपेयर परेशान हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) चेयरमैन रवि अग्रवाल ने खुद इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया है और बताया है कि देरी क्यों हो रही है और रिफंड कब तक मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
देरी की वजह क्या है?
CBDT चेयरमैन के अनुसार, इस बार रिफंड में सबसे बड़ी समस्या गलत डिडक्शन और गलत रिफंड क्लेम के मामलों की है। कई हाई-वैल्यू रिफंड को सिस्टम ने रेड-फ्लैग किया है, जिनकी जांच की जा रही है। वहीं लो-वैल्यू रिफंड जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ टैक्सपेयर्स ने गलत कटौती का दावा किया था, इसलिए एनालिसिस जरूरी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 10 नवंबर 2025 तक ITR Refund में 18% की गिरावट दर्ज की गई है। इस अवधि में कुल रिफंड 2.42 लाख करोड़ रुपये रहा। TDS रेट में बदलाव के कारण भी रिफंड क्लेम की संख्या घटी है।
Revised Return की अपील
विभाग ने कई करदाताओं को संदेश भेजकर कहा है कि अगर किसी ने जानकारी छूटी है या गलती हुई है, तो वे Revised Return फाइल करें। अपीलेट अथॉरिटी भी लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए काम कर रही है। कोविड के समय लंबित मामलों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन इस साल 40% ज्यादा अपील निपटाई गई हैं।
ITR Refund Status कैसे चेक करें?
रिफंड स्टेटस जानने के लिए करदाता आसानी से इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं।
- वेबसाइट: incometax.gov.in
- लॉगिन करें और OTP वेरिफाई करें
- e-File मेन्यू में Refund/Demand Status पर क्लिक करें
- Assessment Year चुनें: AY 2025-26
- View Details पर क्लिक करें और रिफंड स्टेटस देखें
कब मिलेगा रिफंड?
CBDT चेयरमैन ने कहा है कि बाकी बचे रिफंड इस महीने या दिसंबर तक जारी कर दिए जाएंगे। यानी टैक्सपेयर्स को अगले कुछ हफ्तों में राहत मिलने की उम्मीद है।

