शेयर बाजार में छोटे निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर आने वाली है। संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में सरकार कॉर्पोरेट लॉ संशोधन बिल (Corporate Law Amendment Bill 2025) पेश करने जा रही है। इस बिल के जरिए फ्रैक्शनल शेयर (Fractional Shares) को कानूनी मान्यता मिलेगी। इसका मतलब है कि अब MRF जैसे महंगे शेयर, जिनकी कीमत ₹1.5 लाख से भी ज्यादा है, आप सिर्फ ₹100 या ₹500 में खरीद सकेंगे।
फ्रैक्शनल शेयर क्या है?
फ्रैक्शनल शेयर का मतलब है किसी कंपनी के पूरे शेयर का छोटा हिस्सा। अभी भारत में यह सुविधा कानूनी रूप से उपलब्ध नहीं है। लेकिन अमेरिका, कनाडा और जापान जैसे देशों में निवेशक लंबे समय से इस विकल्प का फायदा उठा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर अमेरिका में वॉरेन बफेट की कंपनी Berkshire Hathaway का एक शेयर लगभग ₹6.3 करोड़ का है, लेकिन वहां निवेशक $100 या $1,000 का भी हिस्सा खरीद सकते हैं।
छोटे निवेशकों को बड़ा फायदा
भारत में कई कंपनियों के शेयर इतने महंगे हैं कि रिटेल निवेशक उन्हें खरीद ही नहीं पाते। जैसे MRF, Honeywell Automation, Page Industries और 3M India के शेयर 40,000 से लेकर 1.5 लाख रुपये तक के हैं। नए कानून के बाद निवेशक अपनी क्षमता के अनुसार ₹100, ₹500 या ₹10,000 तक का हिस्सा खरीद पाएंगे। इससे निवेश का दायरा बढ़ेगा और छोटे निवेशकों को भी बड़ी कंपनियों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
अन्य बदलाव
- AGM/EGM नियमों में ढील: कंपनियां अब फिजिकल, वर्चुअल या हाइब्रिड मोड में मीटिंग कर सकेंगी।
- एफिडेविट की जगह सेल्फ-डिक्लेरेशन: कई मामलों में अब सिर्फ घोषणा देना ही पर्याप्त होगा।
- Producer LLP का नया कॉन्सेप्ट: छोटे किसानों और उत्पादकों के लिए LLP ढांचा आसान और फायदेमंद होगा।
निष्कर्ष
अगर यह बिल पास होता है तो भारत में निवेश का तरीका बदल जाएगा। छोटे निवेशक भी अब महंगे शेयरों में हिस्सा ले सकेंगे। MRF Share Price जैसे महंगे स्टॉक्स अब आम निवेशकों की पहुंच में होंगे। यह बदलाव शेयर बाजार में भागीदारी बढ़ाने और निवेशकों को नए अवसर देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

