केंद्र सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को मिलाकर चार नए Labour Codes लागू किए हैं। इन नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव काम के घंटों और ओवरटाइम भुगतान से जुड़ा है। अब ज्यादातर सेक्टरों में कर्मचारियों को प्रतिदिन 8 से 12 घंटे तक काम करना होगा, लेकिन साप्ताहिक सीमा 48 घंटे ही रहेगी। यानी एक हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकता।
किसे करना होगा 8 घंटे से ज्यादा काम?
नए नियमों के अनुसार सामान्य कार्यदिवस 8 से 12 घंटे तक हो सकता है। अगर किसी कर्मचारी से इससे ज्यादा काम लेना है तो उसकी लिखित सहमति जरूरी होगी। ये नियम बीड़ी-सिगार उद्योग, खदान, कपड़ा, एमएसएमई, निर्यात क्षेत्र, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयी, डिजिटल-ऑडियो विजुअल मीडिया और युवा कर्मचारियों सहित लगभग सभी सेक्टरों में लागू होंगे।
ओवरटाइम पर कितनी मिलेगी सैलरी?
वेतन संहिता 2019 की धारा 14 के तहत तय कार्य घंटों से अधिक काम करने पर कर्मचारी को सामान्य मजदूरी की कम से कम दोगुनी दर से भुगतान करना होगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की दैनिक मजदूरी ₹1000 है तो ओवरटाइम के हर घंटे पर कम से कम ₹250 मिलेंगे (1000 ÷ 8 × 2)। कई सेक्टरों में इसे स्पष्ट रूप से दोगुना बताया गया है।
सरकार का उद्देश्य
श्रम मंत्रालय का कहना है कि नए नियम कर्मचारियों के शोषण को रोकेंगे और उन्हें अतिरिक्त कमाई का अवसर देंगे। साथ ही, कंपनियों के लिए ओवरटाइम कराना महंगा हो जाएगा, जिससे कर्मचारियों को आराम का अधिकार भी मिलेगा। अब बिना सहमति के लंबे समय तक काम कराना संभव नहीं होगा।
निष्कर्ष
नए Work Hours Rule से कर्मचारियों को फायदा यह है कि अतिरिक्त काम करने पर उन्हें दोगुना भुगतान मिलेगा। वहीं कंपनियों को भी तय सीमा में काम कराना होगा। ये बदलाव देश के करोड़ों संगठित और असंगठित कर्मचारियों के जीवन में बड़ा असर डालने वाले हैं।

