वेदांता लिमिटेड ने अपने कारोबार को पांच अलग-अलग कंपनियों में विभाजित करने का फैसला किया है। इस डीमर्जर (Vedanta Demerger) से निवेशकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नुवामा रिसर्च के अनुसार, डीमर्जर के बाद प्रति शेयर लगभग ₹84 की अतिरिक्त वैल्यू अनलॉक हो सकती है। यही वजह है कि निवेशकों में उत्साह है और कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बना हुआ है।
डीमर्जर से क्या होगा बदलाव
वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों को उनके हर एक शेयर के बदले नई चार कंपनियों में भी 1:1 अनुपात में शेयर मिलेगा। इन नई इकाइयों में शामिल हैं – वेदांता एल्यूमिनियम, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील। मुख्य कंपनी में जिंक और अन्य व्यवसाय बने रहेंगे। सभी नई कंपनियां एनएसई और बीएसई पर अलग-अलग लिस्ट होंगी।
नुवामा रिसर्च का अनुमान
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने वेदांता पर अपनी “खरीदें” रेटिंग बरकरार रखी है और ₹686 का टारगेट प्राइस तय किया है। उनका मानना है कि डीमर्जर के बाद अलग-अलग व्यवसायों को स्वतंत्र वैल्यूएशन मिलेगा, जिससे मल्टीपल्स में सुधार होगा। रिसर्च फर्म का अनुमान है कि दिसंबर 2025 में NCLT का आदेश आ सकता है और वित्त वर्ष 2026 के अंत तक डीमर्जर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
निवेशकों को कैसे होगा फायदा
डीमर्जर के बाद एल्यूमिनियम, स्टील और पावर जैसे व्यवसायों की वैल्यूएशन बेहतर होगी। नुवामा का कहना है कि अगर एल्यूमिनियम बिजनेस को EV/EBITDA मल्टीपल में सिर्फ 0.5 गुना की भी बढ़ोतरी मिलती है, तो फेयर वैल्यू में ₹36 प्रति शेयर का इजाफा होगा। कुल मिलाकर, डीमर्जर से लगभग ₹84 प्रति शेयर की अतिरिक्त वैल्यू अनलॉक होने की संभावना है।
निष्कर्ष
वेदांता का डीमर्जर निवेशकों के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। अलग-अलग कंपनियों में कारोबार बांटने से पारदर्शिता बढ़ेगी, वैल्यूएशन बेहतर होगा और शेयरधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। नुवामा रिसर्च का अनुमान है कि आने वाले समय में वेदांता के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।

