Honda ने भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में कदम रखते हुए Activa e और QC1 को लॉन्च किया था। कंपनी को उम्मीद थी कि Activa ब्रांड की लोकप्रियता इलेक्ट्रिक मॉडल्स को भी तेजी से आगे बढ़ाएगी। लेकिन बिक्री उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी और अगस्त 2025 में Honda ने इनका उत्पादन रोकने का फैसला लिया।
कम बिक्री बनी सबसे बड़ी वजह
SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी से जुलाई 2025 के बीच Honda ने कुल 11,168 यूनिट्स तैयार की थीं। लेकिन इनमें से केवल 5,201 यूनिट्स ही डीलर्स तक पहुंच पाईं। यानी आधे से ज्यादा स्टॉक बिना बिके रह गया। यही सबसे बड़ी वजह रही कि कंपनी ने प्रोडक्शन बंद कर दिया।
Activa e: से उम्मीदें ज्यादा थीं
Activa नाम भारतीय बाजार में भरोसे का प्रतीक माना जाता है। Activa e: को बैटरी स्वैपिंग टेक्नोलॉजी के साथ पेश किया गया था। इसका मकसद था कि ग्राहकों को बैटरी चार्जिंग का इंतजार न करना पड़े और मिनटों में बैटरी बदलकर स्कूटर फिर से चल सके।
Honda ने बिक्री बढ़ाने के लिए जून में बैटरी रेंट कम किया और होम चार्जिंग डॉक पर भी विचार किया। लेकिन इसके बावजूद Activa e: ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया।
बिक्री के आंकड़े
- QC1: कुल 5,201 यूनिट्स में से 4,461 यूनिट्स की बिक्री हुई।
- Activa e:: केवल 740 यूनिट्स ही बिक पाईं।
QC1 की बिक्री बेहतर रही क्योंकि इसकी कीमत कम थी, पोर्टेबल चार्जर दिया गया था और यह मौजूदा EV बाजार की जरूरतों से मेल खाता था। वहीं Activa e: का बैटरी स्वैपिंग मॉडल भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से सीमित साबित हुआ।
सीमित शहरों में उपलब्धता
Honda ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को केवल चुनिंदा शहरों में ही उपलब्ध कराया।
- Activa e: मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु तक सीमित रही।
- QC1: मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और चंडीगढ़ में बेची गई।
जबकि अन्य ब्रांड्स अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पूरे भारत में उपलब्ध करा रहे हैं। यही वजह रही कि Honda को वह बिक्री आंकड़े नहीं मिले जिनकी उम्मीद थी।
नतीजा
Honda का Activa e: भारतीय ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। सीमित उपलब्धता, बैटरी स्वैपिंग मॉडल की चुनौतियां और कम बिक्री ने कंपनी को उत्पादन रोकने पर मजबूर कर दिया। वहीं QC1 ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन Honda को इलेक्ट्रिक सेगमेंट में अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा।

