कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) हर साल पीएफ अकाउंट में ब्याज जोड़ता है। यह ब्याज साल में केवल एक बार क्रेडिट किया जाता है और उसी वित्तीय वर्ष के लिए लागू होता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए EPF ब्याज दर 8.25% तय की गई है। उम्मीद है कि अगले साल यानी 2025-26 में यह दर बढ़कर 9.25% तक हो सकती है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा।
ब्याज कब और कैसे मिलता है?
EPFO का नियम है कि ब्याज साल में एक बार ही क्रेडिट किया जाता है। यह ब्याज 1 अप्रैल से 31 मार्च तक के पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान जमा बैलेंस पर लागू होता है। यानी अगर आपके पीएफ अकाउंट में ₹5 लाख बैलेंस है, तो 9.25% ब्याज दर पर लगभग ₹46,000 आपके खाते में जुड़ सकते हैं। वहीं जिनके पास ₹6 लाख बैलेंस है, उन्हें करीब ₹55,000 तक का फायदा होगा।
वेतन सीमा और योगदान
अभी EPFO में शामिल होने के लिए सैलरी की सीमा ₹15,000 प्रति महीना है। सरकार इस सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो निजी कर्मचारियों की पेंशन और भी ज्यादा हो सकती है। PF कटौती कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12% होती है। इसमें से एम्प्लॉयर का हिस्सा पेंशन फंड और प्रोविडेंट फंड में बांटा जाता है।
कर्मचारियों को बड़ा फायदा
ब्याज दर बढ़ने से सीधे-सीधे कर्मचारियों को फायदा होगा। महंगाई के समय में यह अतिरिक्त रकम बचत और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए मददगार साबित होगी। अनुमान है कि इस फैसले से 7 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
बैलेंस कैसे चेक करें?
आप अपने PF अकाउंट का बैलेंस मिस्ड कॉल, SMS या उमंग ऐप के जरिए आसानी से देख सकते हैं। UAN-रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 011-22901406 पर मिस्ड कॉल करने पर तुरंत SMS के जरिए बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी।
निष्कर्ष
EPFO ब्याज साल में एक बार ही क्रेडिट होता है, लेकिन जितना बड़ा बैलेंस होगा उतना ज्यादा फायदा मिलेगा। आने वाले वित्तीय वर्ष में ब्याज दर बढ़ने की संभावना कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है।

