WhatsApp भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मैसेजिंग ऐप है। लेकिन हाल ही में आई एक रिसर्च ने इसके डेटा प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर के 3.5 अरब एक्टिव WhatsApp अकाउंट्स से जुड़े फोन नंबर स्क्रैप किए गए, जिनमें लगभग 75 करोड़ भारतीय यूज़र्स भी शामिल हैं।
क्या हुआ है रिसर्च में?
ऑस्ट्रिया की यूनिवर्सिटी ऑफ विएना के कंप्यूटर साइंटिस्ट्स ने बताया कि उन्होंने WhatsApp के कॉन्टैक्ट-डिस्कवरी फीचर का इस्तेमाल करके इतने बड़े डेटासेट तैयार किए। इस फीचर से कोई भी यूज़र आसानी से पता लगा सकता है कि कोई मोबाइल नंबर WhatsApp पर रजिस्टर्ड है या नहीं। अगर सामने वाले ने विजिबिलिटी लिमिट नहीं की है, तो उसका प्रोफाइल फोटो और ‘About’ टेक्स्ट भी दिख जाता है।
रिसर्चर्स ने इसी फीचर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करके करोड़ों भारतीय यूज़र्स की प्रोफाइल फोटो और पब्लिक डिटेल्स स्क्रैप कर लीं। यह डेटा बाद में डार्क वेब पर सेल के लिए भी उपलब्ध कराया गया।
कितना बड़ा है खतरा?
भारत WhatsApp का सबसे बड़ा मार्केट है, जहां 500 मिलियन से ज्यादा मंथली एक्टिव यूज़र्स हैं। ऐसे में 75 करोड़ भारतीय नंबर का स्क्रैप होना बेहद गंभीर माना जा रहा है।
- रिसर्चर्स ने बताया कि 62% भारतीय यूज़र्स की प्रोफाइल फोटो पब्लिक थीं।
- इन प्रोफाइल फोटो से यूज़र की पहचान, लोकेशन या डेली लाइफ से जुड़ी जानकारी भी निकाली जा सकती है।
- अगर यह डेटा गलत हाथों में चला जाए, तो इसे स्कैम्स, फेक कॉल्स और फिशिंग अटैक्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
हाल ही में भारतीय यूज़र्स को +92, +84 और +62 जैसे अजीब नंबरों से वीडियो कॉल्स आने की घटनाएं इसी का नतीजा बताई जा रही हैं।
WhatsApp की प्रतिक्रिया
Meta के स्वामित्व वाले WhatsApp ने कहा है कि उन्होंने अक्टूबर में इस लूपहोल को पैच कर दिया है और अब ज्यादा सख्त रेट-लिमिटिंग लागू की गई है। कंपनी का दावा है कि चैट्स सुरक्षित हैं और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से कोई समझौता नहीं हुआ है। लेकिन फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो जैसी जानकारी का बाहर आना भी यूज़र्स की प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा है।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
- अपनी प्रोफाइल फोटो और ‘About’ को Contacts Only या Nobody पर सेट करें।
- Silence Unknown Callers फीचर ऑन रखें।
- Two-Step Verification जरूर एक्टिव करें।
- समय-समय पर WhatsApp की प्राइवेसी सेटिंग्स की समीक्षा करें।
- अनजान नंबर से आए मैसेज या कॉल का जवाब न दें।
भारत के लिए इसका मतलब
भारत में हाल ही में Digital Personal Data Protection Act, 2023 (DPDP) लागू हुआ है। इस कानून के तहत फोन नंबर और ईमेल एड्रेस को पर्सनल डेटा माना जाता है। हालांकि, अगर कोई यूज़र अपनी प्रोफाइल फोटो पब्लिक रखता है, तो वह इस कानून के तहत सुरक्षित नहीं हो सकता।
इस घटना ने साफ कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्राइवेसी सिर्फ चैट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रोफाइल डिटेल्स भी उतनी ही संवेदनशील हैं।

