बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों की सैलरी और डीए बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है। इस मैसेज को लेकर कई पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारी चिंतित नजर आए। लेकिन अब सरकार की ओर से इस पर सफाई आ चुकी है।
PIB (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) ने इस वायरल मैसेज को फेक बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशन, महंगाई भत्ता (DA) और वेतन आयोग की सिफारिशें पहले की तरह लागू होती रहेंगी।
क्या है नियम 37 का मामला?
सरकार ने बताया कि सेंट्रल सिविल सर्विस (पेंशन) नियम 2021 के नियम 37 में जो संशोधन हुआ है, वह सिर्फ उन कर्मचारियों पर लागू होता है जो रिटायरमेंट के बाद किसी PSU में काम करते हैं और वहां से अनुशासनहीनता के चलते बर्खास्त किए जाते हैं। ऐसे मामलों में उनकी सरकारी सेवा के दौरान अर्जित रिटायरमेंट लाभ रोके जा सकते हैं।
🚨 Will retired Govt employees stop getting DA hikes & Pay Commission benefits under the Finance Act 2025⁉️
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) November 13, 2025
A message circulating on #WhatsApp claims that the Central Government has withdrawn post-retirement benefits like DA hikes and Pay Commission revisions for retired… pic.twitter.com/E2mCRMPObO
‘सिफारिशें पहले जैसी ही रहेंगी – कोई बदलाव नहीं।‘
पीआईबी ने साफ कहा कि,
“रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को पेंशन, डीए हाइक और पे कमीशन के सभी लाभ पहले की तरह मिलते रहेंगे – इनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।”
8वें वेतन आयोग पर क्या है नया अपडेट?
सरकार ने हाल ही में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दे दी है। आयोग को 18 महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
इस बीच NC-JCM ने सुझाव दिया है कि न्यूनतम वेतन की गणना पांच सदस्यीय परिवार के आधार पर की जाए, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता भी शामिल हों। अभी तक तीन सदस्यीय मॉडल का इस्तेमाल होता है, जिसमें माता-पिता को शामिल नहीं किया जाता।
क्या आगे राहत की उम्मीद है?
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह खबर राहत भरी है कि DA और वेतन बढ़ोतरी पर कोई रोक नहीं लगी है। साथ ही 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि जरूर करें।)

