सरकार ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है। खासकर SSC के जरिए भर्ती होने वाले इनकम टैक्स अफसर, CPO SI और अन्य पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों को लेकर चर्चा तेज है कि उनकी सैलरी में कितना इजाफा हो सकता है।
वर्तमान में SSC के तहत विभिन्न पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी मिलती है। इसमें बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्ते शामिल होते हैं। उदाहरण के तौर पर, लेवल 1 के कर्मचारी को ₹18,000 बेसिक पे मिलता है, जो भत्तों के साथ ₹25,000 से ₹27,000 तक पहुंचता है।
8वें वेतन आयोग से क्या बदलाव संभव है?
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सैलरी तय की जाएगी। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। अब चर्चा है कि यह 2.4 से लेकर 2.7 तक हो सकता है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अगर अनुमानित आंकड़ों की बात करें तो:
- लेवल 1 और 2 (जैसे MTS, LDC, CHSL पद)
वर्तमान सैलरी: ₹28,000–₹32,000
संभावित सैलरी (2026): ₹36,000–₹42,000 - ऑडिटर/अकाउंटेंट (CAG, CGA, आदि)
वर्तमान: ₹42,000–₹48,000
संभावित: ₹54,000–₹64,000 - CPO SI और अन्य लेवल 6 पद
वर्तमान: ₹50,000–₹58,000
संभावित: ₹65,000–₹78,000 - ASO और उच्च स्तरीय CGL पद
शहर के HRA के आधार पर 20–35% तक की बढ़ोतरी संभव है।
क्या है आगे की प्रक्रिया?
8वें वेतन आयोग की समिति को 18 महीने में रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके बाद 2026 से इसे लागू किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही सैलरी स्ट्रक्चर को लेकर अंतिम फैसला होगा।
(डिस्क्लेमर: यह लेख अनुमानित जानकारी पर आधारित है। अंतिम फैसला सरकार की रिपोर्ट के बाद ही होगा।)

