नई दिल्ली।केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। आयोग का काम केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, भत्ते और पेंशन की समीक्षा करना होगा। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस आयोग की सिफारिशों से उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई?
रंजना प्रकाश देसाई का जन्म 30 अक्टूबर 1949 को हुआ था। उन्होंने मुंबई के एल्फिन्स्टन कॉलेज से बीए और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की। 1973 में उन्होंने वकालत शुरू की और 1979 में सरकारी वकील बनीं। 1996 में बॉम्बे हाईकोर्ट की जज और 2011 में सुप्रीम कोर्ट की जज नियुक्त हुईं। 2014 में रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
वह अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी की चेयरपर्सन रहीं, इनकम टैक्स एडवांस रूलिंग अथॉरिटी की हेड बनीं और लोकपाल चयन समिति की अध्यक्ष भी रहीं। 2020 में उन्हें डिलिमिटेशन कमीशन की चेयरपर्सन बनाया गया। हाल ही में वह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की पहली महिला चेयरपर्सन और उत्तराखंड व गुजरात की यूनिफॉर्म सिविल कोड कमेटियों की प्रमुख भी रही हैं।
कर्मचारियों की उम्मीदें
सरकारी कर्मचारियों को अब यह उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग उनकी सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी करेगा। पिछला यानी 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, जिसने बेसिक पे में बड़ा बदलाव किया था। माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 से लागू हो सकती हैं।
करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 70 लाख पेंशनर्स इस आयोग की सिफारिशों से प्रभावित होंगे। ऐसे में रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में यह आयोग आने वाले समय में लाखों परिवारों की आय और जीवन स्तर पर सीधा असर डालेगा।

